@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
इससे ज्यादा अपमान इस शहर का और क्या होगा कि, इंदौर का पूरा लोकतांत्रिक राजनैतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अमला अपनी ही डबल इंजिन की सरकार और उसके संगठन के डर से मौन और नपुंसक साबित हो रहा हैं?

यह घटना महाभारत काल की कौरवों की उस सभा को अभिव्यक्त करती है। जिस सभा में द्रौपदी का चीर हरण उस समय की सरकार और सरकार में चुने हुए लोगों के सामने हो रहा था और वो सब मौन थे। क्योंकि वो सत्ता की कुर्सी से जुड़े हुए थे।
दैनिक भास्कर में पिछले दो दिनों से प्रकाशित खबरों के अनुसार, इंदौर शहर के कनाड़िया रोड स्थित 500 करोड़ रुपए की अवैध कॉलोनी में कांग्रेसी भू माफियाओं के कब्जे की आपराधिक साजिश में एक अपराधिक मुस्लिम गुंडे द्वारा नेतृत्व कर, पुलिस पर प्राणघातक हमला और थाना कनाड़िया के टी आई से अभद्रता के बाद भी शहर के पूरे राजनैतिक नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था द्वारा मौन रहना यही दर्शाता हैं कि……. सम्पूर्ण इंदौर जिले की जनता के वोटों से चुना गया पूरा राजनैतिक नेतृत्व, जिसमें 9 विधायक, 1 सांसद, 1 महापौर अपनी पूरी परिषद के साथ!! और साथ में शहर और जिले का सम्पूर्ण प्रशासनिक अमला, पुलिस से लेकर कमिश्नर, कलेक्टर, निगम आयुक्त सब के सब भोपाल और दिल्ली में बैठी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निजाम के सामने नपुंसक साबित हो चुके हैं? हो रहे है?
इससे ज्यादा अपमान इंदौर की 40 लाख की जनता का और क्या होगा??
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
