@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
ये तो बहुत नाइंसाफी है? या सुपारी पत्रकारिता है? सिर्फ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रॉपर्टी का ही खुलासा क्यों? वो भी मात्र कुछ करोड़ रुपए की??

राष्ट्रीय मीडिया इंडियन एक्सप्रेस ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जितनी प्रॉपर्टी का खुलासा किया है, इतनी या इससे ज्यादा प्रॉपर्टी तो आज कई कद्दावर नेताओं के सिपहसलारों, बटलरो और पांव पर पड़े रहने वाले छुटभैये नेताओं, पार्षदों और अपराधिक भू माफियायो के यहां मिल जाएगी?
ये कौन सा ऐसा बड़ा खुलासा कर दिया है राष्ट्रीय मीडिया इंडियन एक्सप्रेस ने? यह बात तो इंदौर – उज्जैन संभाग का बच्चा बच्चा जानता है। सब ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद हैं, कुछ भी छिपाया नहीं है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके परिवार ने।
खुलासा करना ही है तो सन 2003 से लेकर आज तक जितने भी नेता लगातार विधायक हैं और सरकार में मंत्री पद पर है, उन सबकी और उनके परिवार, रिश्तेदारों और इष्ट मित्रों की प्रॉपर्टी, निवेश और संपत्ति का खुलासा करो? तो पता चलेगा कि मुख्यमंत्री और उनका परिवार सबसे गरीब तो नहीं पर हाँ निम्न मध्यमवर्गीय या मध्यमवर्गीय ही साबित होंगे राजनेताओं के क्लब में।
इतना तो हक बनता ही है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सन 2004 में उज्जैन डेवलपमेंट अथॉरिटी के अध्यक्ष! 2013 से लगातार विधायक! शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में उच्च शिक्षा मंत्री और पिछले ढाई साल से आज तक प्रदेश के मुख्यमंत्री है। भरा पुरा उच्च शिक्षित परिवार है डॉ. मोहन यादव जी का। दो प्रतिष्ठित कर्मयोगी भाई है और व्यावसायिक परिवार रहा है। तो इतना प्रॉपर्टी तो मामूली बात है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद 168 एकड़ कृषि भूमि मात्र 45 करोड़ में खरीदना बताया है इतने में तो इंदौर और भोपाल में प्राइम लोकेशन में 2 एकड़ ज़मीन भी मिलना मुश्किल है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
