@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
क्या यह शख़्स देश में न्याय व्यवस्था की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर बने रहने के लायक है?

जिस देश में सुप्रीम कोर्ट आतंकवादियों को न्याय देने के लिए आधी रात को सुनवाई कर सकता हैं!! लेकिन उस देश के सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस सूर्यकांत छात्रों और देश के युवाओं द्वारा अपने भविष्य को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई से जुड़ी एक याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर देता है!! यहां तक कि बर्बर पिटाई के वीडियो तक को देखने से इंकार कर देता है?
और याचिकाकर्ता के वकील से दो-टूक कहता है कि “कृपया हमारा समय बर्बाद न करें और अपना भी समय न करें, हम वीडियो देखने में रुचि नहीं रखते हैं और हमारे पास उन्हें देखने का वक्त नहीं है!!
क्या चीफ जस्टिस का छात्रों या किसी भी पीड़ित पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर इस तरह बड़ी बेरुखी से मना करना सुप्रीम कोर्ट के सर्वोच्च पद की गरिमा के अनुकूल हैं?
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
