@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

“घंटा” पुलिंग है या स्त्रीलिंग? और “घंटा” शब्द का क्या मतलब जनता निकाले?

कैलाश विजयवर्गीय का “घंटा” शब्द आपत्तिजनक था तो रागिनी नायक के द्वारा बोला गया वो कौन सा “घंटा” है, और इसका क्या अभिप्राय है? कांग्रेस नेत्री रागिनी नायक के द्वारा बोला गया “घंटा” क्यों दिमागी नक्सलियों के मुँह में जाकर फंस गया हैं? और उनकी बोलती बंद हो गई?

कैलाश विजयवर्गीय का “घंटा” शब्द पूरे देश के नेताओं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और देश की जनता के लिए आपत्तिजनक था! और पूरे देश ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी। लेकिन कांग्रेस की राष्ट्रीय नेत्री रागिनी नायक के द्वारा बोला गया ये कौन सा “घंटा” है जिसे सुनकर राष्ट्रीय मीडिया से लेकर तमाम दिमागी नक्सलियों के मुँह से आवाज नहीं निकल रही है?

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *