@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
धिक्कार है IAS दिव्या मित्तल तुम पर!!

तुम से लाखों करोड़ो गुना बेहतर वो सेना का जवान है जो माइनस 40 डिग्री पर सियाचिन जैसे दुर्गम बर्फ के पहाड़ों पर देश की रक्षा के लिए मुस्तैदी से खड़ा है।
देश के सबसे ताकतवर प्रशासनिक पद पर आसीन होने के बाद भी यदि आप इस मातृभूमि का ऋण नहीं चुका सकीं, तो यह आपकी विफलता है। जनता की भावनाओं को खिलौना समझकर, 13 साल की देश की सबसे शक्तिशाली नौकरी के बाद इस्तीफा देना और सोशल मीडिया पर भावुकता का ढोंग रचना एक खुदगर्ज फैसला है। आपका यह वायरल पत्र सिर्फ खुद को तसल्ली या जीवन की विफलता को ढांढस देने की एक चतुराई भरी कोशिश है, जिसमें न तो देशहित की कोई मंजिल है और न ही समाज कल्याण की कोई दिशा। लोगों की संवेदनाओं से खेलकर आप समाज को क्या संदेश देना चाहती हैं?
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
