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क्या बिना कॉर्पोरेट कोचिंग माफिया के पेपर लीक संभव है?

सरकार, विपक्ष और छात्र कोचिंग माफियाओं पर मौन क्यों हैं??

पेपर लीक के लिए करोड़ो रूपए की फंडिंग सिर्फ कॉर्पोरेट कोचिंग माफिया ही दे सकता हैं। कई कॉर्पोरेट कोचिंग संस्थान में विदेशी कंपनियां पार्टनर है! उदाहरण के तौर पर कोटा के एलन करियर कोचिंग इंस्टीट्यूट में मशहूर बिजनेसमैन जेम्स मर्डोक जो विदेशी मीडिया टाइकून रुपर्ट मर्डोक के बेटे हैं, की कम्पनी बोधि ट्री सिस्टम्स (Bodhi Tree Systems) का निवेश है। 

नीट यूजी 2024 (NEET UG 2024) परीक्षा में ALLEN Career Institute के 26 छात्रों ने इतिहास रचते हुए 720 में से 720 अंक प्राप्त किए। देश भर में कुल 67 छात्रों ने परफेक्ट स्कोर किया था, जिनमें से अकेले 26 छात्र इसी संस्थान से थे? यह परिणाम मेडिकल प्रवेश परीक्षा के इतिहास में सबसे अनोखा माना जाता है। लेकिन इसकी कोई जांच सरकार द्वारा नहीं की गई?

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) मुख्य रूप से लातूर, पुणे और राजस्थान के सीकर स्थित कोचिंग सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई की है। जिसमें 100 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले कोचिंग संस्थान महाराष्ट्र के लातूर शहर के RCC कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को सीबीआई ने मुख्य अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है। 

सीबीआई के अनुसार, कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर ने NTA के पेपर सेटर पी. वी. कुलकर्णी को ₹5 लाख देकर केमिस्ट्री का पेपर परीक्षा से पहले ही लीक करवा लिया था। महाराष्ट्र के पुणे और राजस्थान के सीकर जो कोचिंग का बड़ा हब है, के कई कोचिंग संस्थान, काउंसलिंग सेंटर और उनके शिक्षक/कर्मचारी भी सीबीआई के रडार पर हैं। अब तक इस केस में 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें कोचिंग संचालक, पेपर सेटर और शिक्षक शामिल हैं। 

कोचिंग माफियाओं ने सरकार से लेकर पूरे एजुकेशन सिस्टम को भ्रष्ट और दलाल बनाकर रखा हैं। राजनैतिक पार्टियों को चंदा देने से लेकर प्रदेश और देश का हर शिक्षा मंत्री इनकी जेब में है।

मेडिकल, IITJEE, इंजीनियरिंग, CA, CS, मैनेजमेंट किसी भी कॉलेज में एडमिशन की बात हो या छोटी सी छोटी सरकारी नौकरी से लेकर आला दर्जे के अफसर बनने के लिए स्टेट PSC से लेकर UPSC तक परीक्षा हो, बिना कोचिंग संस्थानों के संभव नहीं हैं !! क्यों?? 

देश की तकरीबन सभी प्रवेश परीक्षाएं कोचिंग माफियाओं की गिरफ्त मे हैं। देश में कोचिंग का वार्षिक बाजार तकरीबन 1 लाख करोड़ रूपए का है। इसमें कॉर्पोरेट और बड़ी कोचिंग संस्थानों का कुल वार्षिक टर्न ओवर तकरीबन 40 से 50 हजार करोड़ रुपए का है।

मेडिकल, IIT JEE और सरकारी नौकरी प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित सभी कोचिंग संस्थानों को बंद कर स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों की पढ़ाई को सक्षम और जिम्मेदार बनाना आवश्यक हैं। 

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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