@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
500 करोड़ रुपए का डायमंड कॉलोनी कांड: 10 दिन बाद भी पुलिस ‘मौन’, आखिर किस रसूखदार ‘भू-माफिया’ को बचा रहा है प्रशासन? प्रतीक संघवी, दीपक मद्दा, विशाल खंडेलवाल या कोई कद्दावर, शक्तिशाली राजनैतिक वरदहस्त जिसके शिकंजे में है इंदौर का रियल एस्टेट??
क्या पुलिस पूछताछ सिर्फ औपचारिता मात्र है?

कनाड़िया रोड स्थित 500 करोड़ रूपए की डायमंड कॉलोनी की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने के लिए राजनैतिक वरदहस्त प्राप्त मुस्लिम गुंडों को करोड़ो रुपए की सुपारी किस भू माफिया बिल्डर ने दी थी? जिन्होंने पुलिस के दो कॉन्स्टेबल पर प्राणघातक हमला किया! यह इंदौर पुलिस और उसके आला अधिकारी आज घटना के 10 दिन बाद भी पता नहीं कर सके? जबकि सुपारी लेकर हमला करने वाले 4 गुंडे हफ्ते भर से पुलिस की गिरफ्त में है? जमीन मालिक भू माफिया संघवी और कुख्यात दीपक मद्दा से पुलिस के आला अधिकारी 8 -8 घंटे पूछताछ कर चुके है?
कनाड़िया थाना टी आई ने पुलिस कांस्टेबलो पर जानलेवा हमला करने वाले शहर के बाहर के मुस्लिम समाज के गुंडों को किसके दवाब, प्रभाव या प्रलोभन से घटना वाली रात थाने से ही जाने दिया? और उच्च अधिकारियों को घटना की सूचना दो दिन तक नहीं दी? उसके बावजूद आज भी थाना कनाड़िया में थाना प्रभारी के पद पर है? थाना प्रभारी पर घटना के 10 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं?
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
