@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
स्वतंत्रता दिवस पर सरकारी ध्वजारोहण के गौरव में भी राजनीति??
क्या यही है मोदी और शाह की भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा? या पार्टी दूर का सोचती है, जो आम कार्यकर्ता की सोचने की क्षमता के बस की बात नहीं है?

जिस इंदौर की माटी से कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा को सींचा, वहां तिरंगा फहराने का ‘सौभाग्य’ उसे मिला है जो जिंदगीभर अपने राजनैतिक आकाओं के लिए कांग्रेस का झंडा उठाता रहा। 6 साल पहले अपने राजनैतिक आका की महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए दल बदलने वाले तुलसी सिलावट इंदौर के ‘बॉस’ बन गए और असली कद्दावर भाजपाई को देवास भेज दिया गया। क्या आज की भाजपा में वफादारी और वरिष्ठता की कोई कीमत नहीं है? और पार्टी और सरकार में अब सिर्फ सत्ता के सौदागरों का बोलबाला है?
खांटी (असली, शुद्ध, बिना मिलावट का, और खरा) भाजपाई, प्रदेश के कद्दावर नेता और वरिष्ठ केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय देवास जिले में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कर सलामी लेंगे और दूसरी तरफ पूरी जिंदगी कांग्रेस पार्टी में रहे और मात्र 6 साल पहले भाजपा में आए प्रदेश के केबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर शहर में ध्वजारोहण कर सलामी लेंगे। स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी ध्वजारोहण की सूची ने एक बार फिर भाजपा की आंतरिक राजनीति और प्राथमिकताओं को चर्चा में ला दिया है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
