@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
मुख्यमंत्री जी और प्रदेश के सभी मंत्रियों और विपक्षी नेताओं को यह नग्न सच्चाई तो पता ही होगी!!
सागर में जहरीली शराब कांड में 30 लोगों की मौत के जिम्मेदार क्षेत्र का सांसद, विधायक, जनपद अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, बूथ कार्यकर्ता भी है। क्योंकि इन्हें तो सब पता होता हैं?

प्रदेश में जिस पार्टी की सरकार होती हैं उसी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता अवैध शराब से लेकर सारे अवैध काम क्षेत्रीय प्रशासन के साथ मिलकर अंजाम देते है।
प्रदेश के सभी जिलों में शायद ही ऐसा कोई विधायक, पार्षद और सरपंच होगा जो अपनी विधानसभा, वार्ड और गांव में अवैध शराब का धंधा करने वालों का करीबी न हो, और उन्हें जानता न हो।
सरपंच से लेकर सांसद तक के चुनावों में मजदूरों, गरीबों, से लेकर निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों के वोट पाने के लिए बड़े पैमाने पर शराब बांटने की जिम्मेदारी अवैध शराब बेचने वालों को ही दी जाती हैं। प्रदेश के प्रत्येक शहर, नगर, कस्बों और गांवों में अवैध रूप से कच्ची, देशी और विदेशी शराब बेचने वालों का पूरा नेटवर्क है। और अवैध रूप से शराब बांटने का पूरा नेटवर्क शराब ठेकेदारों, क्षेत्रीय विधायक, क्षेत्रीय पार्षद, गांव के सरपंच, लोकल पुलिस थानों के संरक्षण और भागीदारी से चलता है।
पूरे प्रदेश के प्रत्येक ढाबे, होटल, बार और अवैध शराब बेचने वालों के अड्डों के मालिकों से क्षेत्र के संबंधित थाने के थाना प्रभारी की 50 हजार रुपए महीने की बंदी बंधी होती हैं। नेताओं और विधायकों की रैलियों, झंडे, पोस्टर, जन्मदिन पर अखबारों में फुल फ़ुल पेज के विज्ञापन यही अवैध काम करने वाले पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता लगाते है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
