@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

संघवी की कंपनी संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के पास 500 करोड़ रुपए की कनाड़िया रोड स्थित डायमंड कॉलोनी की बेशकीमती जमीन की कोई वैध रजिस्ट्री नहीं है? सिर्फ राजस्व में नामांतरण के भरोसे जमीन पर कब्जा जमाने के लिए गुंडो और उनके आकाओ को करोड़ो रुपए देकर ठेका दिया जाता हैं? 

पहले एक हत्या और अभी कनाड़िया थाने के दो पुलिस कांस्टेबल पर जानलेवा हमला भी संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मालिकों की आपराधिक साजिश का हिस्सा है।

अवैध रूप से भाड़े के राजनैतिक गुंडों और अपराधिक तत्वों को लाखों करोड़ो रुपए देकर बुलवाना? गुंडों द्वारा कनाड़िया थाने के दो पुलिस कांस्टेबल पर जानलेवा हमला करना? बिना वैध रजिस्ट्री के हाजी एंड कंपनी के अवैध वारिसों द्वारा सिर्फ विक्रय करना? बिना वैध रजिस्ट्री के इंदौर राजस्व कार्यालय द्वारा नामांतरण करना? इन सब की साजिश के पीछे कौन है? यह जानने के लिए संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रतीक संघवी और कुख्यात दीपक सिसोदिया उर्फ दीपक मद्दा के खिलाफ ऍफ़ आईं आर दर्ज होना आवश्यक हैं। तभी डायमंड कॉलोनी के साथ न्याय होगा।

इंदौर के कनाड़िया रोड स्थित डायमंड कॉलोनी की खसरा खसरा नंबर 1105/1528/1/1 = 0.809 हैक्टेयर और 1105 पैकी = 1.836 हैक्टेयर कुल 2.645 हैक्टेयर बेशकीमती जमीन, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य 500 करोड़ रुपये से अधिक है, पर एक सोचे-समझे षड्यंत्र के तहत अवैध कब्जा और क्रय-विक्रय किया गया है। राजनैतिक रसूख रखने वाले दिवंगत सुरेंद्र संघवी और आपराधिक पृष्ठभूमि के भू-माफिया दीपक मद्दा ने तत्कालीन हाजी एंड कंपनी के विवादित वारिसों, अशफाक सिद्दीकी और सलीम सिद्दीकी से सांठगांठ की। इन्होंने बिना किसी वैध व रजिस्टर्ड विक्रय पत्र (Sale Deed) के, महज एक ‘विक्रय करार’ के आधार पर इस मूल्यवान भूमि का अवैध हस्तांतरण और राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण “संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड” कम्पनी के नाम पर कर लिया। 

(सन् 2013 में स्वयं हाजी एंड कंपनी ने एक सिविल प्रकरण में इस बात को स्वीकारा है कि संयम इंफ्रास्ट्रक्चर को बेची गई भूमि का विक्रय पत्र जिला पंजीयन कार्यालय से विवादित भूमि होने के कारण रजिस्टर्ड नहीं किया गया है।)

जबकि भू माफिया सुरेन्द संघवी और दीपक मद्दा को पूर्ण रूप से यह ज्ञात था कि उक्त भूमि पर ‘डायमंड गृह निर्माण संस्था’ द्वारा वैध कॉलोनी काटी जा चुकी है, जिसके अंतर्गत लगभग 400-500 सदस्यों को नोटरी और रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। 

सन् 2015 में शहजाद लाला हत्याकांड भी डायमंड कॉलोनी की उपरोक्त जमीन को अवैध रूप से खाली कराने के लिए उस समय संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर रहे दिलीप सिसोदिया उर्फ दीपक मद्दा ने कुख्यात बदमाश और भू माफिया बब्बू – छब्बू नाम के शातिर अपराधियों को करोड़ो रुपए की सुपारी दी थी! कब्जा खाली कराने के विवाद में बुलवाए गए रतलाम के गुंडे शहज़ाद लाला और शातिर बब्बू – छब्बू के बीच रकम के बंटवारे के विवाद में शहजाद लाला की हत्या को अंजाम दिया गया था। 

वर्तमान स्थिति में दिवंगत सुरेंद्र संघवी की पत्नी जयश्री संघवी और पुत्र प्रतीक संघवी संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर है और उपरोक्त जमीन के मालिक है।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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