@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
सत्यमेव जयते अक्षय कांति बम!! झूठे आरोपों पर अक्षय की सच्चाई पर देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मोहर।

सन् 2007 में 27 साल की उम्र में युवा अक्षय और उनके बुज़ुर्ग पिता को एक आदतन फर्जी FIR लिखवाने में महारथ हासिल मुस्लिम समाज के तथाकथित राजनैतिक नेता और भू माफिया के द्वारा झूठी FIR में उलझाने की कोशिश की गई, उससे हार मानने के बजाय न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखा।
18 साल तक लोअर कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट और हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक धारा 307 (हत्या के प्रयास) के झूठे आरोपों की लड़ाई लड़ी और आज 18 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से मिली जीत पर अक्षय ने बताया यह सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस इंसान की जीत है जो अन्याय के खिलाफ लड़ रहा है।
अटूट धैर्य, अदम्य साहस और असीम लेकिन मुखर मौन से लोअर कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक हर साजिश को मात देकर जैन समाज और युवाओं में धैर्य और साहस की मिसाल बने आज के युवा भाजपा नेता अक्षय कांति बम।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
