@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

RSS के राष्ट्रवाद और सनातन धर्म संस्कृति की आड़ में RSS के ही कुछ कुटिल छद्म संघियों द्वारा देश की संपत्ति और पवित्र देवस्थानों की जमीनों व चढ़ावे को हड़पने का एक बड़ा और सुनियोजित खेल चल रहा है?

RSS के राष्ट्रवाद और सनातन की आड़ में देश के प्रायः सभी शहरों में सैंकड़ों- हजारों की संख्या में कुटिल, अपराधिक, षड्यंत्रकारी व्यवसायिक प्रवृति के लोग देश की संपत्ति,मंदिरों और तीर्थों की बेशकीमती जमीनों, करोड़ो – अरबों रुपये के दान, दक्षिणा और चढ़ावे को सुनियोजित तरीके से लूटने, हड़पने, के अपराधिक कृत्य में लिप्त हैं। और कोढ़ में खाज यह है कि ये अपराधिक और षड्यंत्रकारी सत्ता से लेकर सरकार और सरकारी तंत्र, मीडिया, न्यायपालिका और देश की सेना तक में अपना कब्जा जमा चुके हैं।

भाजपा सरकार में विधायक, सांसद, मंत्री, मुख्यमंत्री और यहां तक कि प्रधानमंत्री बनने और बनाने में भी RSS की आड़ में ऐसे ही कुटिल और घोर व्यवसायिक प्रवृति के लोगों को आगे किया जा रहा हैं। हालात इस हद तक खतरनाक हो चुके है कि कई वरिष्ठ, अनुभवी और कद्दावर लोकतांत्रिक भाजपा नेताओं को सत्ता, संगठन और सरकार में पीछे धकेल कर या साइड कर गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया जाता हैं। और यह किया जाता हैं संघ की पसंद या ना पसंद के आधार पर, वो भी सिर्फ संघ के आदमी को आगे लाने के लिए!!

देश की सभी संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं, विभागों के आला पदों पर ऐसे ही मानसिकता और परिवारों के लोगों को सरकारी प्रवेश परीक्षाओं UPSC और स्टेट PSC परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त सिलेक्ट या प्रमोट किया जा रहा है।

पिछले दो दशकों से देश के बड़े धन्नासेठों और उद्योगपतियों के पास राष्ट्रवाद और धर्म का चोला ओढ़े कोई न कोई ऐसा दलाल जरूर मिल जाएगा, जिसका इकलौता काम इस वैचारिक आड़ में सरकार से उनके व्यावसायिक काम निकलवाना है। और ये दलाल धर्माचार्य, मंडलेश्वर, कथावाचक, पीठाधीश्वर, ……… कोई भी हो सकता हैं। 

आप किसी धोखे में न रहे।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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