@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
बहुत ना इंसाफी है!? करोड़ो रूपए के विज्ञापन सहयोग देने के बावजूद शहर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक छवि खराब करने से नहीं चूकते हैं??

भव्य, दिव्य और विशाल, कथा, भजन, भोजन, भंडारो के अलावा राजनैतिक और सामाजिक विराट आयोजनों को सफलता पूर्वक अंजाम देने में राष्ट्रीय स्तर पर महारथ हासिल होने के बावजूद मीडिया प्रबंधन में इतनी बड़ी चूक कैसे कर रहे हैं कैलाश विजयवर्गीय और रमेश मेंदोला मित्रमंडली?
मुख्यमंत्री बनने की काबिलियत, योग्यता, अनुभव रखने वाला और मित्रता को सर्वोच्च दर्जा देने वाला देश का कद्दावर और पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं का चहेता नेता कैलाश विजयवर्गीय प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर क्यों? क्या इसके पीछे मित्र मोह, कार्यकर्ता मोह, पुत्र मोह, शहर मोह के अलावा मीडिया प्रबंधन में बड़ी चूक तो नहीं?
रमेश मेंदोला मित्र मंडल, आकाश विजयवर्गीय मित्र मंडल, कल्पेश विजयवर्गीय मित्र मंडल, कैलाश विजयवर्गीय मित्र मंडल और इनके समर्थक कार्यकर्ता हर साल करोड़ो रूपए के विज्ञापन, सहयोग और सुविधाएं इंदौर के कुछ खास मीडिया संस्थानों और अखबारों को पिछले कई दशकों से हर साल देते आ रहे हैं!!
लेकिन उनके मुंह से निकली कोई ऐसी बात जो आम बोल चाल की भाषा में हँसी मजाक में स्वस्थ और पवित्र नीयत से इस्तेमाल की गई हैं। सभ्यता, संस्कृति और शारीरिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर भावनात्मक रूप से कही गई हो और कही गई बात का राजनैतिक, संवैधानिक और सामाजिक दायित्व, कर्तव्य और जिम्मेदारी से कोई लेना देना नहीं है। फिर भी उसे अपने हिसाब से तोड़ मरोड़कर, अर्थ का अनर्थ बनाकर प्रकाशित या प्रसारित करने को पत्रकारिता कम इमेज और व्यक्तित्व की छवि खराब या धूमिल करना ही कहेंगे।
यही सलूक सहज, सरल और सहृदय स्वभाव के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय के साथ शहर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक का मीडिया कर रहा है!?
इंदौर शहर में राजस्थान से आए एक अखबार ने अपने शुरूआती दौर से आज तक शहर में जड़े मजबूत करने के लिए मुख्य आधार ही कैलाश विजयवर्गीय, विधायकों और उनसे जुड़े कार्यकर्ताओं और मित्रों की छोटी से छोटी नकारात्मक खबर को प्रमुखता से अपने अखबार में स्थान देने को ही पत्रकारिता का मुख्य धर्म मानकर प्रकाशित करते आ रहा हैं!!
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
