@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

है किसी के बाप में दम ? जो मुंह से गैंगस्टर लॉरेंस बुलवा ले संगठन से लेकर सरकार में बैठे कद्दावर मंत्री और मुख्यमंत्री तक से?

गैंगस्टरों की धमकी, खौफ और दहशत का अभी तो आगाज है! कभी अंजाम में तब्दील हो गया क्या उस दिन का इंतजार कर रहा है सिस्टम और शहर?

लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर गुर्गे दे रहे व्यवसायियों को धमकी ! दहशत में शहर का व्यवसायिक जगत। और संगठन से लेकर सरकार के मुखिया तक मौन??

दहशत गुर्गों की नहीं अहमदाबाद जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खौफ की है! पता नहीं किसका वरदहस्त है इस गैंगस्टर पर? न तो सरकारी सिस्टम, न मेन स्ट्रीम राष्ट्रीय मीडिया और न ही सरकार और विपक्ष में बैठे राजनैतिक कद्दावरों में से कोई सामने आकर कुछ बोलने की हिम्मत कर रहा हैं?

शहर के व्यवसायिक जगत को लॉरेंस के गुर्गों, दहशत, धमकी और पुलिस की जांच के भरोसे तो नहीं छोड़ा जा सकता हैं? राजनेतिक संगठन और सरकार की तरफ से भरोसा दिलाना नितांत आवश्यक है।

इंदौर जैसे शांतप्रिय व्यावसायिक शहर में पिछले 2 महीने से लॉरेंस गैंग या लॉरेंस बिश्नोई के नाम से व्यवसायियों, डॉक्टरों और शिक्षा संस्थानों के प्रमुखों से धमकी देकर करोड़ो रुपए मांगने के गैंगस्टर अपराधिक कृत्य को इंदौर भाजपा नगर अध्यक्ष से लेकर सभी विधायक, मंत्री और सांसद खुलकर मीडिया या सोशल मीडिया में आकर अपनी कठोर प्रतिक्रिया, या चेतावनी भरे शब्दों के बयानों से लॉरेंस के गुर्गों को सबक सिखाने की हिम्मत क्यों नहीं कर रहे हैं??

ये वाकई लॉरेंस के गुर्गे है या लॉरेंस के नाम पर कोई सिस्टम काम कर रहा है? इसका सही खुलासा तो पुलिस ही कर सकती है जो दावा कर रही हैं कि 10 से 12 शार्प शूटर पुलिस ने खरगोन और अन्य जिलों से गिरफ्तार किए हैं? देश या प्रदेश में कौन इन्हें ऑपरेट कर रहा है? इसकी सच्चाई तो पुलिस इनसे उगलवाकर जनता को बता ही सकती है?

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तो इंदौर के प्रभारी मंत्री है! और वर्तमान में मध्यप्रदेश के गृहमंत्री स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव जी हैं? और तकरीबन हर दूसरे तीसरे दिन इंदौर आते जाते रहते है। उन्होंने भी कोई सार्वजनिक बयान अभी तक नहीं दिया है और न ही कोई व्यवसायिक प्रतिनिधि मंडल ने कोई ज्ञापन या इस दहशत गर्दी के बारे मे उनसे जाकर मिला है?

इंदौर पुलिस अहमदाबाद में बंद लॉरेंस बिश्नोई और विदेश से भारत लाया गया लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई से सीधे जाकर यह क्यों पता नहीं लगा लेती है कि मध्यप्रदेश और देश में कितने गुर्गे उनके लिए काम कर रहे हैं??

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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