@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
जंतर-मंतर के प्रदर्शन को पूरे देश के 45 करोड़ Gen – Z छात्रों और युवाओं की सोच, व्यवहार या चेहरा समझना देश की सबसे बड़ी भूल है।


दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले इकट्ठे हुए छात्रों और युवाओं के एक खास समूह को जिन्हें उम्र के वर्गीकरण के आधार पर Gen – Z कहा जाता हैं।
उनके आचार, विचार और व्यवहार से आप देश के 45 करोड़ छात्रों और युवा Gen – Z को देखने या समझने का एक तरफा नजरिया, सोच या धारणा नहीं बना सकते हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आचार, विचार और व्यवहार को देश के 45 करोड़ युवाओं का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
यदि कुछ बुद्धिजीवी, मीडिया और सरकार जंतर-मंतर के प्रदर्शन को आधार बनाकर देश के 45 करोड़ Gen – Z वर्ग के छात्रों और युवाओं को लेकर कोई सामूहिक नजरिया पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल होगी।
भारत का युवा वर्ग अत्यंत विविध टैलेंटेड है, और किसी एक प्रदर्शन से उसकी समग्र सोच को परिभाषित नहीं किया जा सकता।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
