@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का दावा करने वाली भाजपा के कार्यकर्ताओं का भारतीय राजनीति में वास्तव में क्या वजूद है?
क्या भाजपा का शीर्ष नेतृत्व अपने करोड़ो करोड़ो कार्यकर्ताओं को बताएगा?
क्योंकि नाचे कूदे बंदरिया और खीर खाए मदारी बहुत हो चुका।

सत्य यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सामने भाजपा का अपना स्वतंत्र अस्तित्व बेहद सीमित है। RSS संगठन सिर्फ सरकार और सत्ता में रहने के लिए भाजपा संगठन और उसके कार्यकर्ताओं को आगे रखता है।
सत्ता और सरकार में बने रहने के लिए RSS कभी भी भाजपा की राजनैतिक विचारधारा में हस्तक्षेप नहीं करती है! फिर चाहे भाजपा विचारधारा और नैतिकता के सबसे निचले पायदान पर जाकर अपने धुर विरोधी पार्टी और उसके भ्रष्ट और निकृष्टम नेताओं से जाकर हाथ मिला ले या अपनी पार्टी में शामिल कर सत्ता के शीर्ष पद पर बिठा दे।
ऐसे समय में RSS बगुले पक्षी जैसी मौन रहेगी?
भ्रष्टाचार, महंगाई, परीक्षा में धांधली, शिक्षा का व्यवसायीकरण, रोजगार, देश के आर्थिक और सामाजिक हालात, किसानों और उद्योगपतियों की ज्वलंत समस्याओं, लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार जैसे सैकड़ों संवैधानिक और वैधानिक मुद्दों पर RSS और उससे जुड़े संगठन व संघ के राज्यों से लेकर नागपुर में बैठे शीर्ष पदाधिकारी तक मौन साधे रहते है?
कड़वा सत्य तो यह है कि भाजपा महज एक राजनीतिक मुखौटा है। भाजपा संगठन के भीतर चुनावों में किसे खड़ा करना है, सरकार और संगठन में किसे किस पद पर रखना है अंतिम निर्णय और नीतियां वही होंगी जो RSS तय करेगा।
हालात इस हद तक खतरनाक हो चुके है कि कई वरिष्ठ, अनुभवी और कद्दावर लोकतांत्रिक भाजपा नेताओं को सत्ता, संगठन और सरकार में पीछे धकेल कर या साइड कर गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया जाता हैं। और यह किया जाता हैं संघ की पसंद या ना पसंद के आधार पर, वो भी सिर्फ संघ के आदमी को आगे लाने के लिए!!
अब यह कड़वी हकीकत भाजपा के आम कार्यकर्ताओं, विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ दूसरे दलों से आए उन दलबदलुओं को भी समझ लेनी चाहिए, जो केवल भाजपा के बैनर तले देश सेवा और अपने सुरक्षित राजनीतिक भविष्य का सपना देख रहे हैं।
मध्यप्रदेश के दतिया में कद्दावर भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के टिकिट कटने के बाद कार्यकर्ताओं में जो विरोध देखने को मिला है, वो सभी भाजपा के कार्यकर्ता है। नरोत्तम मिश्रा के कार्यकर्ता है, नरोत्तम मिश्रा की वजह से भाजपा में है। शायद ही इन कार्यकर्ताओं में से एक भी RSS का हो। क्योंकि भविष्य की चिंता भाजपा कार्यकर्ताओं को है।RSS का कार्यकर्ता तो निश्चिंत हैं क्योंकि उसे पता है भाजपा मुखौटा है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
