@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
इंदौर पुलिस कमिश्नर साहेब, 500 करोड़ रुपए के डायमंड कॉलोनी कांड में सिद्दीकी परिवार को भी जांच में शामिल करे तब होगा पूरा खुलासा ।
कैसे अवैध तरीके से, नामांतरण में सेटलमेंट कर करोड़ो रुपए कमाए सिद्दीकी परिवार ने?? इसका पूरा खुलासा होना चाहिए।
सन् 1994 से सन् 2012 तक क्या हाजी एंड कंपनी के 11 पार्टनरों का कोई वैधानिक अस्तित्व था?

थाना खजराना में FIR और न्यायालय में क्रिमिनल केस पेंडिंग होने के बावजूद……. 500 करोड़ रूपए की बेशकीमती डायमंड कॉलोनी की जमीन को हाजी एंड कंपनी के वर्तमान कर्ता धर्ता सलीम सिद्दीकी पिता स्वर्गीय हाजी हबीब और अशफाक सिद्दीकी पिता स्वर्गीय इब्राहिम सिद्दीकी ने सुरेंद्र संघवी, प्रतीक संघवी और दीपक मद्दा की कंपनी संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को कैसे, किस आधार और किस हैसियत से बेचा?
हाजी एंड कंपनी तर्फे हाजी हबीब दादा भाई ने सन् 1974 में ग्राम खजराना तहसील व जिला इंदौर स्थित खसरा नंबर 1105 और खसरा नंबर 1105/1528 कुल रकबा 10.141 हेक्टेयर (25.06 एकड़) की कृषि भूमि खजराना निवासी सालिगराम और गणेश से रजिस्टर्ड विक्रय पत्र द्वारा खरीदी थी।
दिनांक 31/7/1994 को, 80 साल की उम्र में हाजी एंड कंपनी के मालिक हाजी हबीब दादा भाई ने बीमारी और स्वास्थ्य कारणों से खसरा नंबर 1105 और 1105/1528 की कुल 10.141 एकड़ कृषि भूमि को बेचने के लिए शेख इब्राहिम पिता शेख इलियाज़ के नाम पॉवर ऑफ अटॉर्नी देकर अपना आम मुख्तयार नियुक्त किया।
11.06.2003 को हाजी हबीब दादा भाई के आम मुख्तयार शेख इब्राहीम ने पॉवर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से डायमंड गृह निर्माण सहकारी साख संस्था मर्यादित को 5.261 एकड़ जमीन 35 लाख रुपए में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से कर दी। डायमंड गृह निर्माण संस्था का गठन शेख मुश्ताक ने कालोनी काटने के लिए किया था और संस्था से संबंधित समस्त निर्णय के लिए अधिकृत थे। संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष किशनलाल सिर्फ नाम मात्र के लिए अध्यक्ष थे।
4 साल बाद, दिनांक 25 अप्रैल 2007 को, 93 साल के वयोवृद्ध और रूग्ण अवस्था मे पहुँच चुके हाजी एंड कंपनी के मालिक हाजी हबीब दादा भाई से एक FIR 627/2007 थाना खजराना में करवाई गई। जिसमें यह आरोप लगाया कि पॉवर ऑफ अटॉर्नी होल्डर शेख इब्राहीम ने फर्जी और कूट रचित पॉवर ऑफ अटॉर्नी का इस्तेमाल कर डायमंड गृह निर्माण संस्था के पदाधिकारियों के साथ षड्यंत्र कर बेशकीमती 5.261 हेक्टेयर जमीन बेच कर उस पर कॉलोनी काटकर लोगों को बेच दी!!
पुलिस ने FIR में डायमंड गृह निर्माण संस्था के 90 वर्षीय अध्यक्ष किशनलाल सहित संस्था के शेख मुश्ताक और उसके तीन भाइयों और नाबालिग बच्चों सहित 8 लोगो को आरोपी बनाया गया।
उपरोक्त FIR के 10 महीने बाद दिनांक 13 फरवरी 2008 को हाजी एंड कंपनी के मालिक हाजी हबीब पिता दादा भाई का निधन हो गया!
FIR के तीन साल बाद सन् 2010 में थाना खजराना पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया??
इस बीच सन् 2012 में सलीम सिद्दीकी पिता स्व हाजी हबीब ने न्यायालय में उपरोक्त FIR को आधार बनाकर, और स्वयं को हाजी कंपनी का आम मुख्तयार बनकर एक दीवानी प्रकरण 2 ए/2012 दायर किया। और डायमंड गृह निर्माण संस्था के उस समय 94 वर्षीय अध्यक्ष किशनलाल जिसके खिलाफ FIR थी, को डरा धमकाकर एक तरफा गवाही करवाकर डायमंड गृह निर्माण संस्था की रजिस्ट्री और पॉवर ऑफ अटॉर्नी को शून्य घोषित करवा लिया??
लेकिन 20 दिसंबर 2024 को सेशन न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह कुशवाह ने सन् 2007 में हाजी एंड कंपनी तरफे हाजी हबीब पिता दादा भाई के द्वारा डायमंड गृह निर्माण संस्था पर फर्जी और कूटरचित पावर ऑफ अटॉर्नी के माध्यम से शेख इब्राहीम से जमीन खरीदने के आरोपों से बा इज़्ज़त बरी कर दिया।
क्योंकि अभियोजन पक्ष और हाजी एंड कंपनी न्यायालय में ऐसा कोई प्रमाण, साक्ष्य या गवाह पेश नहीं कर सकी जो यह प्रमाणित कर दे कि शेख इब्राहीम को दी गई पॉवर ऑफ अटॉर्नी फर्जी या कूटरचित थी। और डायमंड कॉलोनी संस्था ने किसी भी सदस्य को फर्जी या कूटरचित रजिस्ट्री से कोई प्लॉट बेचा है।
20 दिसम्बर 2024 के सेशन न्यायाधीश जितेन्द्र सिंह के फैसले से यह स्पष्ट है कि डायमंड गृह निर्माण संस्था की कॉलोनी पूर्णतया वैध है। और उस पर संयम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का कोई अधिकार नहीं है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
