@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी दिसम्बर 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों में एक बार फिर पूर्ण बहुमत से सरकार बना पाएगी?

पश्चिमी के प्रसिद्ध राजनीतिक विचारक निकोलो मैकियावेली ने अपनी कालजयी पुस्तक ‘द प्रिंस’ में लिखा है कि एक कुशल शासक को शेर की तरह पराक्रमी और लोमड़ी की तरह चतुर होना चाहिए।
प्रदेश के आला प्रशासनिक अधिकारियों और सरकारी अमले के बीच मुख्यमंत्री के व्यक्तित्व, बौद्धिकता, निर्णय लेने की क्षमता और कठोरता को लेकर क्या छवि है? यह तो प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी और पार्टी के कार्यकर्ता ही बता सकते हैं, कि मुख्यमंत्री का कोई डर या खौफ सरकारी अमले में है कि नहीं?
बीते तीन वर्षों में डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री के रूप में भाजपा संगठन, कार्यकर्ताओं और आम जनता—विशेषकर युवाओं, किसानों, व्यापारियों एवं समाज के वंचित वर्गों के बीच अपनी और भाजपा सरकार की कैसी छवि स्थापित की है?
क्या मुख्यमंत्री प्रदेश में एक लोकप्रिय नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं?
क्या मुख्यमंत्री की वक्तव्य और भाषण देने की शैली, भाषा और शब्दों से उनके उच्च शिक्षित और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त ज्ञान, विवेक और बौद्धिक क्षमता परिलक्षित होती है?
क्या मुख्यमंत्री जी अपने भाषणों और वक्तव्य से जनता और कार्यकर्ताओं को प्रभावित कर पाते है?
कार्यकर्ताओं से मिलने, बात करने, उनकी समस्याओं के त्वरित निदान और आम जनता के बीच अपनत्व और पारिवारिक छवि का निर्माण करने में मुख्यमंत्री कितने सफल हुए हैं?
उल्लेखनीय है कि 13 दिसम्बर 2023 को केंद्रीय नेतृत्व द्वारा भेजे गए नाम के आधार पर, प्रदेश भाजपा और आम जनता को चौंकाते हुए डॉ. मोहन यादव को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया था। आगामी 13 दिसम्बर 2026 को उनके मुख्यमंत्री काल के 3 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं।
सिर्फ भ्रष्टाचार से सरोबार विकास और लोकलुभावन योजनाओं की घोषणाएं करने मात्र से कोई सरकार और मुख्यमंत्री अपनी पार्टी को चुनावों में विजय नहीं दिलवा सकता हैं।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
