@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
चुल्लू भर पानी में डूब मरो, ऐसे भ्रष्ट सिस्टम में ऐसे कानून बनाने वालों।
ड्रिंक एंड ड्राइव कानून के तहत 10 हजार रुपए तत्काल जुर्माना! गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय युवा की 1 महीने की या आधी मेहनत की कमाई पूरी खत्म??
लेकिन अवैध शराब के अहाते चलाने के लिए कानून की बेशर्म चुप्पी??

इंदौर में प्रतिदिन 2 से 3 लाख युवा अवैध अहातो, ढाबों और होटलों में शराब पीते है। और अपनी बाइक या कार से अपने घर जाते हैं। इसमें से 90 फीसदी अपनी लिमिट में पीते है। और कानून के अनुसार रोज ड्रिंक एंड ड्राइव कानून को तोड़ते हैं। आप अंदाजा लगाओ इस कानून के तहत् इंदौर के 40 – 50 थाने मिलकर कितने लोगों के चालान बनाते होंगे और कितनों से अवैध वसूली करते होंगे।
कानून की आड़ में लाखों रुपए की अवैध वसूली की मंडी चला रही हैं पुलिस!!
ड्रिंक एंड ड्राइव कानून की आड़ में हर थाने की पुलिस की कम से कम 50 हजार रुपए प्रतिदिन की अवैध उगाही!!
ड्रिंक एंड ड्राइव में एक्सीडेंट का खतरा ट्रक, बस, कार और SUV से ज्यादा, लेकिन चालान टू व्हीलर वालो के बनाए जा रहे हैं, और भारी भरकम जुर्माने की आड़ में पुलिस कर रही हर रात लाखों रूपए की अवैध वसूली!?
पुलिस की न औकात है, और न ही हिम्मत कि वो शहर में अवैध रूप से चलने वाले राजनैतिक संरक्षण प्राप्त शराब के अवैध अहातो को बंद करवा सके?
पूरे शहर को शराब की दुकानों से और अवैध शराब के अहातो से पाट दिया? और कानून के नाम पर गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय युवाओं को ड्रिंक एंड ड्राइव के नाम पर शराब की दुकान और अवैध आहतो से मात्र कुछ फुट की दूरी पर सब इंस्पेक्टर रैंक का भ्रष्ट पुलिस अधिकारी और तीन चार कांस्टेबल झपट्टा और छीना झपटी स्टाइल में बाइक वाले को दबोचते है, उसके मुंह में न जाने कौन सी नली डालकर फूंक मारने को कहते है। और फिर बोलते हैं तूने लिमिट से ज्यादा पी रखी है?
चूंकि सरकार के बनाए कानून के हिसाब से ड्रिंक एंड ड्राइव के अपराध में थाने में गाड़ी जब्ती कर, दूसरे दिन न्यायालय में 10 हजार रुपए का जुर्माना भरने पर ही बाइक या कार छूटती है। इस कारण कानून की आड़ में भ्रष्ट पुलिस खुलेआम 4 से 5 हजार यहां तक कि 10 हजार रुपए में तोड़ बट्टा कर बाइक या कार छोड़ती हैं।
गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय युवाओं से टू व्हीलर ड्रिंक एंड ड्राइव में भी 10 हजार का चालान और महंगी से महंगी देशी – विदेशी फोर व्हीलर SUV को भी 10 हजार का चालान ये कौन सा इंसाफ है??
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
