@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

रियल एस्टेट के विज्ञापनों की चमक-दमक और दिखावे पर न जाए। 

अपने लिए सही निवेश, सही दाम, बेहतर लोकेशन, भरोसेमंद और अनुभवी बिल्डर की टाउनशिप चुने।

प्रॉपर्टी की सही कीमत पहचानें,कहीं आप इंदौर के आउटर में प्लॉट के नाम पर ‘प्रीमियम’ तो नहीं भर रहे इसका जरूर ख्याल रखें।

इंदौर में कुछ रियल एस्टेट व्यवसायी बेतहाशा विज्ञापनों, मार्केटिंग तकनीकों और सब जगह ब्रांडिंग करके, रियल एस्टेट की वास्तविक कीमतों को 20 से 50 फीसदी तक बढ़ाकर ग्राहकों को लूटने, निवेशकों को फंसाने का बड़ा गोरख खेल खेल रहे है?? 

इनके विज्ञापनों की भाषा, राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय लोकलुभावन, प्रलोभन और AI से निर्मित भविष्य की कल्पना के नयनाभिराम चित्रण जिनका अभी वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है! का भरपूर इस्तेमाल अपने विज्ञापनों और मार्केटिंग प्रमोशन में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कर रहे हैं??

इंदौर के आउटर ग्रामीण क्षेत्रों में एक प्लॉट के साथ 20 से 50 लाख तक की SUV भी ले सकते है इतना रेट का अंतर है!! विज्ञापनों के बहकावे मे बिल्कुल न आए। आप संपत्ति खरीद रहे हैं जंगल या लक्जरी नहीं!!

इंदौर के रियल एस्टेट व्यवसाय में कोई वन से प्रेरित टाउनशिप निर्माण के नाम पर ग्राहकों को चूना लगा रहे हैं तो दूसरे दुबई के वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर!! 

इंदौर में तकरीबन 50 से ज्यादा रियल एस्टेट डेवलपर्स इनसे बेहतर टाउनशिप, वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर, और बेहतर पर्यावरण के साथ बनाकर दे रहे हैं इनसे कम कीमत में। कीमत का अंतर इतना है कि उस अंतर से ग्राहक 20 से 50 लाख तक की इंडियन या इंपोर्टेड SUV खरीद सकता है। या 20 साल की बैंक की ईएमआई 10 साल में बदल सकते है।

जमीन की कीमत होती हैं। लक्जरी, वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यावरण आदि के नाम पर 2000 से 5000 रूपए स्क्वेयर फीट तक ज्यादा वसूले जा रहे है। निवेशकों का प्रॉफिट भी कुछ बिल्डर खुद कमाना चाह रहे है?

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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