@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर 

38 मौतों के बाद भी मस्ती, रंगों और हर्षोल्लास का उत्सव!! क्या जनप्रतिनिधियों की संवेदनाएं मर चुकी हैं??

इंदौर के भागीरथपुरा में हुई 38 नागरिकों की असामयिक मृत्यु (अभी 1 महीना भी नहीं हुआ है) कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक अक्षमता और कर्तव्य पालन में की गई घोर लापरवाही का परिणाम है। जब पूरा शहर इस अपराधिक लापरवाही के कारण शोक में डूबा है।

तब यह प्रश्न खड़ा होता है 

क्या इंदौर के प्रथम नागरिक (महापौर), क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी के पास इस समय होली और रंगपंचमी जैसे उत्सवों को हर्षोल्लास के साथ मनाने का ‘नैतिक अधिकार’ अभी भी शेष है?

मेरा शहर और मेरी विधानसभा मेरा परिवार है????

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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