@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

भाजपा कार्यकर्ता अक्षय बम के यहां भोजन करने गए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल पर कुछ कांग्रेसी मानसिकता के पत्रकारों और तथाकथित पार्टी बुद्धजीवियों में इतनी खलबली और ईर्ष्या क्यों? 

इससे ज्यादा हास्यास्पद और बौद्धिक मूर्खता क्या होगी उन कांग्रेसी मानसिकता के तथाकथित पत्रकारों और तथाकथित राजनैतिक बुद्धिजीवियों कि? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक रमेश मेंदोला और विधायक गोलू शुक्ला अक्षय कांति बम के यहां भोजन पर इसलिए गए थे क्योंकि वो धनाढ्य है!! 

रही बात डॉ. अक्षय बम के धनाढ्य होने की तो शहर में भाजपा समर्थक धनाढ्य लोगों और कांग्रेस और भाजपा में जितने भी नेता, पूर्व और वर्तमान विधायक, मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदों पर है उनकी लिस्ट बनाई जाए तो डॉ. अक्षय कांति बम का नाम लिस्ट के आखिरी पायदानों में होगा। 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इंदौर में क्षेत्र क्रमांक 1 के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता की भव्य और विशाल चुनरी यात्रा, रेनेसां यूनिवर्सिटी के नए फार्मेसी कॉलेज के साथ बाबा नीम करौली के मंदिर के शिलान्यास और देवी अहिल्या बाई होल्कर स्मारक समारोह में भाग लेने के लिए कल आए थे।

नवरात्रि के पावन पर्व की अष्टमी के पवित्र मौके पर भाजपा कार्यकर्ता अक्षय बम द्वारा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित किया जिसे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी ने सहर्ष स्वीकार किया।

प्रदेश अध्यक्ष के साथ विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, इंदौर जिला भाजपा अध्यक्ष श्रवण चावड़ा, सम्भागीय प्रभारी रणवीर रावत, सचिन बंसल सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने अक्षय बम के निवास पर एक पारिवारिक माहौल में भोजन ग्रहण किया लेकिन कुछ कांग्रेसी और कांग्रेसी मानसिकता के पत्रकार और बुद्धिजीवियों को जिन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया, तुलसी सिलावट, संजय शुक्ला, विशाल पटेल सहित प्रदेश भर के कई दिग्गज कांग्रेसी विधायकों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कांग्रेस की प्रदेश सरकार गिराकर भाजपा में शामिल होने पर गद्दारी और मौकापरस्ती नहीं दिखती? उन्हें सिर्फ डॉ. अक्षय कांति बम का कांग्रेस से भाजपा में जाने का घटनाक्रम गद्दारी और मौकापरस्ती लगता है? 

“जबकि उन्हें स्वयं आत्ममंथन करना चाहिए कि जिन विषम परिस्थितियों और कांग्रेस की मुस्लिम तुष्टिकरण की वोट-बैंक राजनीति के कारण एक आदतन व धूर्त मुस्लिम नेता की हत्या के प्रयास की झूठी FIR दर्ज कराई गई, उसमें अक्षय और उनके वृद्ध पिता को फंसाने का एक गहरा षड्यंत्र किया गया था। इस पूरे घटनाक्रम पर वर्षों से कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी और मौन सहमति यह साबित करती है कि पार्टी के लिए मुस्लिम तुष्टिकरण और मुस्लिम वोटों से बढ़कर अपने हिंदू कार्यकर्ता का परिवार भी नहीं है!!

ऐसे में कोई भी स्वाभिमानी और पितृ भक्त बेटा उस राजनीतिक दल का हिस्सा कैसे बना रह सकता है, जिसने उसके निर्दोष पिता और पूरे परिवार को जीवन के इस अत्यंत कठिन मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया हो?

अक्षय कांति बम ने किसी आर्थिक लाभ, पद लाभ या अनैतिक कृत्यों से बचने के लिए कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ी थी। यह बात किसी कार्यकर्ता पुत्र के परिवार और पिता की इज्जत और मानसम्मान को बचाने की थी।

यदि यह गद्दारी और मौकापरस्ती है तो देश के प्रत्येक पितृ पूजनीय पुत्र को यह गद्दारी करना चाहिए नहीं तो वो पुत्र नहीं है। और वो राजनैतिक पार्टी क्या जो वोटों के लिए अपने कार्यकर्ता और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा देख कर भी चुप्पी साधे रखे।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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