@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
यदि हिम्मत और औकात है तो सफेद पोश बड़े सरकारी ठेकेदारों को जो तस्करी और अवैध शराब का माफिया चलाते हैं उनके पाँव में गोली मारो। इन ना – समझ, गरीब ड्राइवर और क्लीनर को गोली मारकर किस कायरता को छिपा रहे हो?

मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन में यदि वाकई हिम्मत होती तो जायसवाल अवैध शराब माफिया के पांव में गोली मारकर शॉर्ट एनकाउंटर करती तो लगता भी कि मध्यप्रदेश सरकार अवैध और तस्कर शराब माफियाओं के खिलाफ वाकई कड़ी कारवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खातेगांव TI दिलीप पुरी हत्याकांड में जिस आयशर ट्रक ने कुचला था उसके ड्राइवर अक्कू और क्लीनर धीरज को पुलिस ने पैर में गोली मारकर शॉर्ट एनकाउंटर किया। ये गरीब, दलित और आदिवासी तो बेचारे मोहरे है। जिन्हें पैसे का लालच देकर बड़े शराब माफिया इनसे अवैध शराब तस्करी करवाते है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
