@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
क्या अयोध्या का राम मंदिर एक प्राइवेट ट्रस्ट की जागीर और बपौती है? प्रदेश का मुख्यमंत्री या चीफ सेक्रेटरी इस प्राइवेट ट्रस्ट का अध्यक्ष या महासचिव क्यों नहीं नियुक्त हो सकता हैं?

मुख्यमंत्री योगी का यह कहना कि अयोध्या के राम मंदिर से सरकार का कोई लेना देना नहीं है!! मतलब अरबों खरबों का पूरा राम मंदिर एक प्राइवेट ट्रस्ट के हवाले है? ट्रस्ट और उसके पदाधिकारी और उनसे जुड़े संगठन को खुली छूट है किसी भी तरह के वित्तीय और प्रशासनिक निर्णय लेने की!! मुख्यमंत्री योगी की यह स्वीकृति ही अपने आप में धर्म के नाम पर अरबो – खरबों के सबसे बड़े स्कैंडल पर मोहर लगाती हैं?
आज भी राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खाते में तकरीबन 2000 करोड़ रूपए नगद जमा है।
विश्व के सबसे बड़े चंदे और जनसहयोग से निर्मित, भारत की सांस्कृतिक आत्मा और ‘राम राज्य’ की परिकल्पना के प्रतीक अयोध्या के भव्य राम मंदिर ट्रस्ट में अध्यक्ष और महासचिव जैसे मुख्य पदों की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव की होनी चाहिए।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
