@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम नीट (NEET) 2026 पेपर लीक के “बेबस” 22 लाख बच्चो की “बद्दुआ”और अभिभावकों के “श्राप” से होने वाले अनिष्ट को झेलने की तैयारी कर ले सरकार और सरकारी सिस्टम।

भारत की प्रमुख जांच एजेंसी CBI कोई भगवान् या खुदा नहीं है। बल्कि CBI उसी सरकारी सिस्टम का एक हिस्सा है, जो पिछले कई सालों से पेपर लीक कर छात्रों की मेहनत, समय, पैसे और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। सरकार का पिंजरे में बंद तोता है CBI, ये देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट का कहना है।
क्या उखाड़ लिया CBI ने 12 साल जांच कर मध्यप्रदेश के कुख्यात व्यापम परीक्षा भर्ती घोटाला कांड और मेंडिकल एंट्रेस एक्जाम फर्जीवाड़ा में? सारे के सारे सफेदपोश, रसूखदार आरोपी न्यायालय से बाइज्जत बरी हो गए??
एक तरफ राज्य और केंद्र सरकार कहती हैं कि कोचिंग माफिया के खिलाफ सख्त कानून लाएंगे और दूसरी तरफ कोटा के कोचिंग माफिया डॉन माहेश्वरी बंधुओं के यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, उच्च शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई मंत्री अपना सम्मान करवाने जाते है? क्यों कोचिंग माफिया के डॉन के यहां सरकार शीश नवाती है यह समझ के परे है??
सनातन धर्म के नाम पर सरकार के पाले हुए कई बड़े धर्माचार्य, संत और बाबा कोचिंग माफिया डॉन की कोचिंग के अवैध धंधे की कमाई को बढ़ाने के लिए परस्पर स्तुति गान करते रहते है।
फर्जी पेपर सॉल्वर, पेपर लीक माफिया, एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म, प्राइवेट स्कूल यहां तक पूरा एजुकेशन सिस्टम, सीबीएसई बोर्ड से लेकर समस्त राज्यों और केंद्र के शैक्षणिक बोर्ड, से लेकर शिक्षा मंत्रालय में बैठे अफसर से लेकर मंत्री तक अरबों खरबों की कोचिंग माफिया इंडस्ट्री के हाथों बिके हुए है।
देश में सनातन धर्म को मानने वालों और सनातन धर्म की सरकार का राग अलापने वाली सरकारों को यह ज्ञान नहीं है कि शिक्षा के मंदिर होते है, कोचिंग माफिया के डॉन के अड्डे नहीं।
निर्दोष छात्रों, अभिभावकों और जनता की बद्दुआ और श्राप के अधिकारी है पूरी सरकार और सरकारी सिस्टम।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
