@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
7 दिन से भूख हड़ताल पर एक नागरिक, लेकिन सत्ता, संगठन, संविधान और विपक्ष चारों अंधे-बहरे और बेशर्म !!

शहर में अवैध होर्डिंग का मुद्दा राजनैतिक मुद्दा नहीं है। यह एक सामाजिक और कानूनी मुद्दा है। लेकिन कानून और संविधान की रक्षा करने का अहंकार और दंभ भरने वाले माननीयों की बेशर्म चुप्पी पूरे शहर में अट्टहास कर आम नागरिकों की आवाज का उपहास उड़ा रही है।
शहर में अवैध होर्डिंग के खिलाफ सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक के गृह क्षेत्र और ऑफिस के सामने विधायक समर्थकों द्वारा प्रताड़ित और मारपीट के बावजूद अवैध होर्डिंग के खिलाफ मुहिम छेड़े एक नागरिक प्रहलाद पाण्डे अपनी पत्नी के साथ रीगल चोराहे पर बिना कुछ खाएं पिए सिर्फ पानी पी कर 24 घंटे अनशन पर पिछले 7 दिनों से बैठा है।
इंदौर शहर में 2 केबिनेट मंत्री रहते हैं। 9 विधायक रहते हैं। एक कानून का विशेषज्ञ महापौर रहता हैं। कैलाश विजयवर्गीय नगरीय प्रशासन मंत्री है। इंदौर के प्रभारी मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव है, जो 2 बार एक हफ्ते में शहर में आ चुके है। मात्र 10 कदम पर संविधान और कानून की रक्षा का दंभ भरने वाला हाईकोर्ट और उसमें पीठाधीश्वर जज विराजमान है। दूसरी तरफ बीते 7 दिनों में तथाकथित छात्रों, युवाओं, संविधान बचाओ के स्वयंभू नेता कांग्रेस के महाराजाधिराज राहुल गाँधी और पूरे प्रदेश के कांग्रेस नेता मौजूद थे।
न्याय की देवी मां अहिल्या के इस शहर में इससे बड़ा अपमान और क्या करेंगे तथाकथित कद्दावर, बाहुबली, दयालु, संवेदनशील जनप्रतिनिधि, नेता, मंत्री, संविधान और कानून के रखवाले उच्च न्यायालयों में बैठे स्वयंभू माई लार्ड!?
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
