@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

सोने का विदेशों से आयात रोकना मकसद है या देश के सराफा बाजार को सड़क पर लाना?

प्रधानमंत्री का ऐसा कहना कि 1 साल तक सोना या सोने के आभूषण न खरीदे बुद्धिमानी है? मूर्खता है? या तुगलकी फरमान?

विदेशी मुद्रा बचाने के लिए गोल्ड के आयात को रोकने के लिए 140 करोड़ जनता से यह कहना कि 1 साल तक सोना या सोने के गहने न खरीदे!! प्रधानमंत्री की विदेशी मुद्रा बचाने के लिए की गई इस अपील से देश के पूरे सराफा बाजार की लाखों दुकानों और करोड़ो कारीगरों पर रोजी रोटी का संकट आ सकता हैं??

विदेशी मुद्रा बचाने का मुद्दा सोने के विदेशों से मंगवाने (आयात) से जुड़ा है। सोने के आयात को रोकना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए इसका लिए सोने के आयात पर भारी भरकम इंपोर्ट ड्यूटी से लेकर जीएसटी तक में भारी बढ़ोत्तरी की जा सकती हैं।

बड़े कॉर्पोरेट चैन ऑफ ज्वेलर्स को भारी मात्रा में विदेशों से सोना आयात कर स्टॉक करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता हैं।

लेकिन इन सब के बजाय प्रधानमंत्री का सीधे देश की 140 करोड़ जनता को सोना या सोने के गहने, आभूषण और ज्वेलरी न खरीदने का फरमान या अपील जारी करना कहां तक जायज है?? आखिर देश भर के सराफा से जुड़े लाखों करोड़ो लोगों की रोजी रोटी का सवाल है?

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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