इंदौर | प्रदीप मिश्रा (री-डिस्कवर इंडिया न्यूज)
संघर्ष से सफलता के शिखर तक भाजपा नेता मोहन सेंगर के भाइयों और परिवार का अटूट प्रेम समाज के लिए बना नज़ीर।

आज के दौर में जहाँ व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं अक्सर पारिवारिक रिश्तों पर हावी हो जाती हैं, वहीं इंदौर के राजनैतिक, व्यवसायिक और सामाजिक पटल पर भाजपा नेता मोहन सेंगर और उनके अनुज जिनका आपसी स्नेह और समर्पण आज के समाज के लिए पारिवारिक एकजुटता की एक अनूठी मिसाल है।
26 जनवरी को ऊदल सेंगर का जन्मदिन है। राजनैतिक गलियारों में अक्सर जन्मदिन शक्ति प्रदर्शन और बाहुबल के दिखावे का जरिया बन जाते हैं, लेकिन मोहन सेंगर द्वारा अपने छोटे भाई का जन्मदिन मनाना समाज को एक अलग संदेश देता है। यह आयोजन
भाई जैसे दोस्तों, परिजनों और शुभचिंतकों के साथ एक “भातृत्व प्रेम” दिवस है, जो बताता है कि सच्ची सफलता केवल प्रसिद्धि नहीं, बल्कि अपनों का साथ है।
सेंगर भाइयों ने उन्होंने अभावों को देखा, संघर्ष की भट्टी में खुद को तपाया, लेकिन कभी एक-दूसरे का हाथ नहीं छोड़ा। बड़े भाई मोहन सेंगर ने जहाँ एक पिता तुल्य संरक्षक की भूमिका निभाई, वहीं ऊदल सेंगर ने अपने अग्रज की आज्ञाओं और मार्गदर्शन का पालन पुत्रवत कर उस विश्वास को और मजबूत किया। आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव में धन-दौलत नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति आदर, विश्वास, प्रेम और सम्मान हैं।
समाज में अक्सर ‘बाहुबल’ शब्द को नकारात्मक चश्मे से देखा जाता है, लेकिन सेंगर परिवार ने इसकी नई परिभाषा लिखी है। मोहन सेंगर के लिए भाइयों की एकता, प्रेम, शिक्षा और नैतिक पारिवारिक मूल्य ही असली ‘बाहुबल’ है। उनका मानना है कि विपरीत परिस्थितियों में भाई ही एक-दूसरे की सबसे मजबूत ढाल होते हैं। नैतिक मूल्यों के बिना प्राप्त की गई सफलता अधूरी है, और बिना नैतिक मूल्य के बाहुबल श्राप है।
उच्च शिक्षित मोहन सेंगर ने न केवल राजनीति और व्यवसाय में सफलता पाई, बल्कि परिवार को भी उच्च शिक्षित किया। उनके पुत्र पार्थ विदेश में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और सुपुत्री चिकित्सा (डॉक्टर) के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि यह परिवार अपराध और दिखावे से कोसों दूर, बौद्धिक और नैतिक मूल्यों का धनी है।
आज जब छोटी-छोटी बातों पर परिवार बिखर रहे हैं, तब सेंगर भाइयों का यह संगम युवाओं को प्रेरित करता है। बड़े भाई का मार्गदर्शन और छोटे भाईयो का अटूट अनुशासन ही इस परिवार की असली पूंजी है।
काश! भाईयों में ऐसी एकता, आदर और सम्मान का ‘बाहुबल’ शहर के हर परिवार को हासिल हो।
बड़े भाई मोहन सेंगर को न सिर्फ मार्गदर्शक वरन् पितातुल्य सम्मान और आदर देने वाले छोटे भाई ऊदल सेंगर को जन्मदिन की बहुत बहुत अग्रिम बधाई और शुभकामनाएं।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
