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ऑनलाइन रिटेलर पर घटिया सामग्री बेचने का आरोप

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कंज्यूमर ब्रैंड कंपनियों और चैनल पार्टनर की बात मानें तो ऑनलाइन रिटेलर नकली सामानों की बिक्री को बढ़ावा दे रहे हैं। कंज्यूमर ब्रैंड्स कंपनियों ने आरोप लगाया है कि ये कंपनियां न सिर्फ मूल्य घटा रही हैं, बल्कि नकली सामानों की बिक्री को भी बढ़ावा दे रही हैं। ग्लोबल ऑडियो और सूचना इंटरटेनमेंट कंपनी ह्यूमैन इंटरनेशनल इंडस्ट्रीज के चैनल पार्टनर साहिल इंटरनेशनल के मालिक साहिल सैनी ने बताया कि उनको हाल ही में पता चला कि स्नैपडील पर एक विक्रेता जेबीएल ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेच रहा है, जबकि जेबीएल कंपनी का भारत में सिर्फ उनकी (साहिल की) कंपनी को ही विशेष वितरण अधिकार प्राप्त है। यह मामला सैनी की जानकारी में उस समय आया, जब बैंगलुरु के एक ऑफलाइन रिटेलर मनीष सिंघवी ने स्नैपडील से जेबीएल पल्स ब्लूटूथ वायरलैस स्पीकर्स का आदेश दिया। लेकिन, बाद में उनको पता चला कि सामान न तो जेबीएल के द्वारा बेचा गया था और न ही मैन्युफैक्चर किया गया था। इसके बाद सिंघवी ने शहर के ऊपरपेट थाने में शिकायत दर्ज कराई। एफआईआर के अनुसार, स्नैपडील, मनीष अश्विन कुमार नाम के विक्रेता और डिलीवरी कंपनी डेल्ही वेरी को आरोपी बनाया गया है। जांच कर रहे सीनियर अधिकारी ने बताया- ‘यह साफ धोखाधड़ी का मामला है और मामले की जांच जारी है।Ó
ऑफलाइन-ऑनलाइन कंपनियों के बीच युद्ध
ऑफलाइन-ऑनलाइन कंपनियों के बीच युद्ध का यह दूसरा चरण है। भारत में ऑनलाइन रिटेलर का कारोबार नया बल्कि नवजात बच्चे की तरह है, लेकिन तेजी से बढ़ रही ई-कॉमर्स कंपनियां देश के अनुमानित 500 बिलियन डॉलर यानी करीब 3096 अरब रुपए के व्यापार पर कब्जा जमाना चाहती हैं। सामानों का डिजाइन बनाने और बेचने वाली ऑनलाइन कंपनी चुंबक को भी फ्लिपकार्ट और ई-बे जैसे विभिन्न प्रकार के ई-कामर्स पोर्टलों से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चुंबक के सह संस्थापक विवेक प्रभाकर ने बताया कि ‘हमने सितंबर में इस समस्या को भांपा, जब एक कस्टमर दंपती हमारे दिल्ली-एनसीआर स्थित कियोस्क में आए और हमारे सेल्स स्टाफ को बताया कि उन्होंने एक प्रॉडक्ट खरीदा था और उसका डिजाइन उतर रहा है। हमें पता चला कि यह जाली है।Ó
अन्य ब्रांड्स ने भी दर्ज कराई शिकायतें
अन्य ब्रांड्स ने भी ऑनलाइन पोर्टल्स के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत दर्ज कराई है। इलेक्ट्रॉनिक गैजट के ऑनलाइन रिटेलर गिजमोबाबा के संस्थापक एवं चीफ एक्जीक्यूटिव अलोक चावला ने बताया, उन्होंने स्नैपडील को गिजमोबाबा ब्रैंड के नाम से मार्केट प्लेस पर घटिया क्वालिटी के सामान बेचने की एक विक्रेता की शिकायत की है। चावला ने बताया, ‘लेकिन स्नैपडील की ओर से लापरवाही भरा रिस्पॉन्स मिला है। वहीं, ईटी द्वारा भेजे गए एक प्रश्न-पत्र का भी डेल्ही वेरी एवं स्नैपडील ने कोई जवाब नहीं दिया है। चावला ने बताया, ‘स्नैपडील ने स्पष्ट रूप से घटिया सामानों की सूची को हटाने से मना कर दिया है। हालांकि हमने उनको अपना ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी भेजा है, लेकिन लगता है कि उन लोगों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। गिजमोबाबा के प्रॉडक्ट का स्त्रोत चीनी मैन्युफैक्चरर्स है, लेकिन उन प्रॉडक्ट को अपने ब्रैंड के नाम से बेचते हैं। कंपनी कानूनी कार्रवाई करने पर गौर कर रही है। उन्होंने बताया, ‘हम स्नैपडील पर 70-80 प्रॉडक्ट बेचते हैं, लेकिन उसे अब 20-25 प्रॉडक्ट पर सीमित कर दिया है। मुंबई स्थित इस कंपनी को इसी प्रकार की समस्या अमेजॉन से भी पेश आ रही है। चावला ने बताया, ‘हमने अमेजॉन के सेलर सपोर्ट से बात की, जिन्होंने मामले को अपनी कानूनी टीम के पास भेज दिया है। इसलिए हमें बहुत उम्मीद है।Ó

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