@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर 

इस गणेश चतुर्थी पर गणेश जी के शुभ आभूषणों से लेकर दुल्हन के 16 शृंगार तक वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) पर स्वर्ण और रजत का हर आभूषण है शुद्धता, सौभाग्य और मंगल का प्रतीक। 

महाराष्ट्र का विख्यात ज्वेलरी ब्रांड वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) इंदौर मे!! 116 साल पुराना ज्वेलरी ब्रांड महारानी एलिजाबेथ से लेकर कई राजघरानों के साथ अभिनेता राज कपूर की पत्नी कृष्णा कपूर, भारतीय शास्त्रीय गायक पंडित जसराज और स्तंभकार शोभा डे भी इस 116 साल पुराने ज्वेलरी ब्रांड के ग्राहकों मे शुमार रहे हैं। 

वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) की स्थापना वामन हरि पेठे और उनके भाई गणेश पेठे ने 1909 में की थी। आज वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) ब्रांड के महाराष्ट्र, मुंबई, गोवा मे लगभग 20 से ज़्यादा स्टोर हैं। 

अब नव शृंगारित शोरूम इंदौर टी.आई मॉल के सामने, एम.जी रोड इंदौर। 

महाराष्ट्र का सांस्कृतिक प्रेम उनकी सदियों पुरानी परंपराओं, और जीवंत उत्सवों में देखा जा सकता है। पारंपरिक मराठी दुल्हन के आभूषण केवल श्रृंगार से कहीं अधिक हैं, वे समृद्धि, पवित्रता, शक्ति और दुल्हन के आने वाले सफ़र के लिए आशीर्वाद का प्रतिबिंब हैं। क्योंकि महाराष्ट्रीयन दुल्हन के आभूषण न केवल अपनी बेजोड़ कारीगरी के लिए, बल्कि गहरे सांस्कृतिक अर्थ के लिए भी प्रतिष्ठित हैं।

खूबसूरत महाराष्ट्रीयन दुल्हन के 16 शृंगार के पारंपरिक स्वर्ण आभूषण को बनाने मे पिछले 116 सालों से वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) को महारथ हासिल है। 

  • कोल्हापुरी साज – 21 खूबसूरत डिज़ाइन वाले स्वर्ण पेंडेंट का हार होता है। 
  • रानी हार – तीन परतों वाला यह लंबा और भव्य हार राजसी और आकर्षक होता है। 
  • मोहन माला हार – यह 2-8 परतों वाला एक लंबा हार है और प्रत्येक परत सोने के मोतियों से बनी है, यह हार मराठा रानियों और शाही महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले स्वर्ण हारो मे से एक है। 
  • थुशी हार – यह एक चोकर हार है। जो गर्दन की खूबसूरती मे चार चाँद लगाता है।  
  • सूर्य हार – सूर्य के आकार के पेंडेंट वाला यह लंबा, अलंकृत हार, प्रकाश और विरासत का एक दिव्य प्रतीक है।  
  • बकुली हार – छोटे स्वर्ण फूलों की डिज़ाइन का यह हार होता है। 
  • ब्रह्माणी नथ – ब्राह्मणी नथ महाराष्ट्रीयन दुल्हन की  बेजोड़ सुंदरता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
  • दिव्य पुतली हार – सोने का हार सिक्के के आकार के सोने के पेंडेंट (जिन्हें पुतली कहा जाता है) की एक श्रृंखला से बना है।
  • अंबाडा – यह दुल्हन के बालों के जूड़े पर कमल, सूरजमुखी या मोर के आकार का स्वर्ण आभूषण होता है। इसमे मोती, माणिक या पन्ना जड़ते हैं। 
  • कुड्या – सोने के झुमके गोलाकार या फूलों के आकार में डिज़ाइन किए गए होते हैं।
  • वाकी बाजूबंद – यह सोने का बाजूबंद जिसे आमतौर पर ऊपरी बांह पर पहना जाता है।
  • मुंडावल्या – दूल्हा और दुल्हन दोनों ही मुंडावल्या पहनते हैं, जो माथे पर एक सुंदर आभूषण है। कारीगर इसे मोतियों या सोने के मोतियों की दो लड़ियों से बनाते हैं और उन्हें माथे पर इस तरह बाँधते हैं कि वे चेहरे के दोनों ओर लंबवत लटकते हैं।
  • बोर माल हार – छोटे, गोल सोने के मोतियों का उपयोग करके इस हार को बनाते हैं।
  • कंबरपट्टा – यह एक पारंपरिक महाराष्ट्रीयन सोने की कमरबंद है, जिसे आमतौर पर कमर के चारों ओर पहना जाता है जो दुल्हन के रूप रंग मे शाही निखार लाता है।
  • कान – यह सबसे आकर्षक और शाही पारंपरिक मराठी दुल्हन का आभूषण है, जो लगभग पूरे बाहरी कान को ढक लेता है।
  • बुगाड़ी – यह कान के ऊपरी हिस्से में पहना जाने वाला एक पारंपरिक स्टड या बाली है। 
  • टोडे और हिरवा चूड़ा – ठोस सोने की चूड़ियाँ और उनका सेट है। 

इसके अलावा जोडवी – चाँदी की बिछिया और पैंजन – साधारण और नाज़ुक से लेकर घुंघरूओं से सजे हुए डिज़ाइन तक, कई तरह की शैलियों में उपलब्ध हैं।

सिर्फ और सिर्फ वामन हरि पेठे ज्वैलर्स (WHP) पर।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर  

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