@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यू्ज इंदौर
इंदौर के प्रख्यात कासलीवाल परिवार के कलयुगी पुत्र दीपक कासलीवाल पर प्रधान जिला न्यायधीश ने 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया!

- अपनी ही माँ को अपने पिता की मृत्यु के बाद, पिता की संपत्ति से बेदखल करने और उससे मिलने वाले किराये से वंचित करने का निकृष्टतम कृत्य कर कानूनी रूप से करने का कुत्सित प्रयास कर रहा था यह कलयुगी पुत्र!!
इंदौर शहर के ख्याति प्राप्त व्यवसायीक घराने कासलीवाल परिवार के मुकदमा और पिटिशन बाज स्वयंभू वकील दीपक कुमार पिता अशोक कुमार कासलीवाल निवासी 582 एम. जी रोड ने पुश्तैनी बेश कीमती प्रॉपर्टी में अपना हक जताने के लिए अपने स्वर्गवासी पिता अशोक कुमार कासलीवाल, माता श्रीमति मणिप्रभा कासलीवाल, भाई पवन कासलीवाल और बहन ईला जैन और दो अन्य के खिलाफ सेशन न्यायालय में सिविल मुकदमा दायर किया था!
जिसे चतुर्थ सेशन न्यायालय के विद्वान न्यायधीश ने यह उल्लेख करते हुए कि पिता की मृत्यु के बाद पिता की संपत्ति पर किराया अधिकार कानून के तहत उनकी पत्नी मतलब दीपक कासलीवाल की माँ को किराया लेने और संपत्ति पर अधिकार है. पुत्र दीपक कुमार कासलीवाल का परिवाद 19.12.2022 को खारिज कर दिया था!
इससे व्यथित होकर इस स्वयंभू तथाकथित वकील ने इंदौर जिला न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के यहा धारा 24 cpc के तहत चतुर्थ सेशन न्यायालय के यहा लंबित 7 पारिवारिक प्रकरणों को अन्य न्यायालय में ट्रांसफर करने का आवेदन ऊल जलूल दलीलों और अनावश्यक बातों, अनर्गल तथ्यों और प्रलापो के साथ दिया!
- जिसे माननीय प्रधान न्यायाधीश ने इस बात उल्लेख करते हुए कि इस स्वयंभू वकील के आवेदन और ड्राफ्टिंग व उसकी बहस से पता चलता है कि इसे कानून का ज्ञान नहीं है! और आवेदन की ड्राफ्टिंग करने मे भी सक्षम नहीं है!
- जिला न्यायालय के रिकार्ड के अनुसार अभी तक 80 से ज्यादा आवेदन इसने सिर्फ मुकदमों को एक न्यायलय से दूसरे न्यायालय में ट्रांसफर करने के लगाए हैं!
आवेदक दीपक कासलीवाल अनावश्यक रूप से मुकदमों को एक न्यायालय से दूसरे न्यायालय में ट्रांसफर करने का आदी है, जिससे न्यायालय का महत्वपूर्ण समय भी बर्बाद होता है!
उपरोक्त बातों का उल्लेख अपने आदेश में करते हुए माननीय प्रधान न्यायाधीश ने दीपक कासलीवाल की तरफ से प्रस्तुत औचित्यहीन आवेदन को 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए निरस्त कर दिया! 10 हजार रुपए 15 दिनों के अंदर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मे जमा करने के आदेश दिए।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यू्ज इंदौर