@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
जनप्रतिनिधियों के होते हुए “कलेक्टर” क्यो करेंगे 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय का ध्वजारोहण और बधाई संदेश का वाचन!
कलेक्टर का पद ब्रिटिश काल से लेकर आज तक शासन का प्रतीक है, स्वतंत्रता और आजादी का नही।
ब्रिटिश शासन और सरकार में भी जिले का सर्वोच्च अधिकारी “कलेक्टर” ही हुआ करता था! “कलेक्टर” सरकार के आदेश का पालन करता है! और सरकार के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों को जनता पर कानूनन लागू करता है! कलेक्टर के लिए सरकार सर्वोच्च हैं! कलेक्टर सरकार का मुलाजिम होता है! सरकार के कहने या उसके द्वारा दिए गए आदेश पर जनता के हित या अहित के लिए काम करना कलेक्टर की क़ानूनी बाध्यता है! कलेक्टर, कलेक्टर के पद पर आजाद व्यक्ति ना होकर सरकार के द्वारा नियुक्त एक शासक है ना की जनता के द्वारा चुना गया जनप्रतिनिधि!
जबकि 15 अगस्त का दिन गुलामी से आजादी का दिन है और साथ मे स्वतंत्रता का दिन भी हैं, इस दिन मिली आजादी और स्वतंत्रता का मतलब ताकत, छल, कपट और बल से बनी स्वयंभू एवं निरंकुश सरकार से आजादी और स्वतंत्रता का मतलब है जनता अपनी सरकार स्वयं चुने। इसी के प्रतीक के रूप मे हर साल 15 अगस्त के दिन आजादी और स्वतंत्रता का ध्वजारोहण किया जाता है।
जनता के द्वारा चुनी गईं सरकार के चुने गए जनप्रतिनिधि को ही यह अधिकार हैं कि स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के दिन सरकार के जिला मुख्यालय, जो आजाद देश की आजाद जनता की सेवा के लिए बना है पर स्वतंत्रता और जनता की सरकार के प्रतीक के तौर पर जिला मुख्यालय पर तिरंगे का ध्वजारोहण जिले के तमाम प्रतिनिधियों के साथ करे।
सरकार को यह अधिकार जरूर है कि सरकार में जनता के प्रतिनिधत्व के तौर पर ध्वजारोहण के लिए किस मंत्री, विधायक या सांसद को चुने।
15 अगस्त 1947 इस दिन देश न सिर्फ अंग्रेजों के ब्रिटिश शासन से वरन् हजारों साल से राजे रजवाड़ों, सामंतवादीयो, विदेशी आक्रांताओं, मुगलों के शासनों से आजाद हुआ था! लाखो – करोड़ों लोगो ने सदियों न सिर्फ़ भयानक यातनाएं, अत्याचार को सहा वरन अपनी इज्ज़त, मान सम्मान और संपत्ति को लुटते और लूटते हुए अपनी आँखों से देखा! लाखो लाख लोग देश की आजादी के लिए शहीद हो गए। वो सब अत्याचारी भी उस समय अपने आप को स्वयंभू “सरकार” कहा करते थे! और उन स्वयंभू सरकारों के भी सरकारी मुलाजिम से लेकर आला अधिकारी हुआ करते थे! जो अपनी सरकार के आदेश पर गुलाम जनता पर सब तरह के अत्याचार किया करते थे।
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन जिला मुख्यालय में होने वाले ‘ध्वजारोहण’ ऐतिहासिक घटना का प्रतीक है। 15 अगस्त 1947 के दिन ब्रिटिश शासन का झंडा उतारकर भारतीय तिरंगा पहली बार फहराया गया था। 15 अगस्त को ध्वजारोहण का ऐतिहासिक महत्व है। इस दिन भारत ब्रिटिश शासन से स्वतंत्र हुआ था। इसलिए झंडे को नीचे से ऊपर ले जाकर फहराया जाता हैं जो इस बात का प्रतीक है कि भारत ने गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्रता प्राप्त की है।
@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर