@री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

अग्रवाल पब्लिक स्कूल के संपति कर खाते में हेराफेरी कर इंदौर नगर निगम में करोड़ो रुपए राजस्व की चोरी करना और करवाना क्या निगम के भ्रष्ट राजस्व अधिकारियों को बिना रिश्वत दिए संभव है?

क्या इंदौर नगर निगम का भ्रष्ट और अपराधिक राजस्व अधिकारी अरविंद नायक अग्रवाल पब्लिक स्कूल से बिना कोई बड़ा आर्थिक लाभ (जिसे कानून की भाषा में रिश्वत और भ्रष्टाचार का अपराधिक कृत्य कहते है) प्राप्त किए निगम के राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अग्रवाल पब्लिक स्कूल को करोड़ो रूपए का लाभ प्रति वर्ष पहुंचाने के अपराधिक षड्यंत्र को अंजाम दे सकता था?

कानून में किसी अपराधिक षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए किसी सरकारी अधिकारी को रिश्वत देना भी अपराध की श्रेणी में आता है।

निगमायुक्त और मध्यप्रदेश सरकार का यह संवैधानिक और वैधानिक कर्तव्य है कि इस करोड़ो रूपए की राजस्व चोरी के अपराधिक षड्यंत्र की FIR दर्ज कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर, रिश्वत देने वाले और लेने वाले दोनों को जेल की सलाखों के पीछे डाले।

इंदौर जिला कलेक्टर को अग्रवाल पब्लिक स्कूल और उससे लगी संजना पार्क जमीन के सभी खसरो के पुराने रिकॉर्ड की जांच कर यह जरूर पता करना चाहिए कि आई डी ए की 140 नंबर मेन रोड से लगी बिचौली हप्सी की इस बेशकीमती जमीन में कितनी जमीन सरकारी खसरे की है? 

इंदौर रेल्वे स्टेशन के पास यशवंत प्लाजा स्थित अग्रवाल ग्रुप के छोटे बच्चों के स्कूल चमेली देवी पब्लिक स्कूल जो बेसमेंट से लेकर तीसरी मंजिल तक अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है कि परमिशन से लेकर अवैध और अतिक्रमण कर कंस्ट्रक्शन और उसके संपत्तिकर की भी जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता हैं?

इसी प्रकार केसरबाग रोड स्थित चमेली देवी पब्लिक स्कूल भी कहा जाता हैं कि नाले की जमीन को अतिक्रमण कर और नाले को बंद कर बनाया गया है उसकी भी जांच आवश्यक हैं। क्योंकि बरसात के दिनों में पूरा क्षेत्र नाले के बंद हो जाने की वजह से जलमग्न हो जाता हैं।

 अग्रवाल पब्लिक स्कूल कुल क्षेत्रफल 577006 वर्गफीट जिसमें स्कूल के अलावा व्यवसायिक गतिविधियां, आवासीय हॉस्टल, कोचिंग, अवैध कॉलेज आदि संचालित किए जा रहे हैं! जिसका निगम के राजस्व विभाग में कुल संपत्ति कर 3 करोड़ 20 लाख दर्ज था। को इंदौर नगर निगम में भ्रष्ट और अपराधिक प्रवृति का प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी अरविंद नायक ने 577006 वर्गफीट क्षेत्रफ़ल को 2 लाख से ज्यादा स्क्वायर फीट कम दिखाकर मात्र 1 करोड़ 82 लाख रुपए निर्धारित कर पोर्टल पर चढ़ा दिया! इस प्रकार 1 करोड़ 36 लाख रुपए प्रतिवर्ष के हिसाब से निगम के राजस्व की चोरी को अंजाम दिया। करोड़ो की राजस्व चोरी का यह सनसनी खेज मामला जब निगम आयुक के संज्ञान में आया तो तत्काल भ्रष्ट और अपराधिक अधिकारी को निलंबित कर जांच बैठा दी गई। और जांच के उपरांत भ्रष्ट और अपराधिक राजस्व अधिकारी अरविंद नायक को निगम आयुक ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

शुक्रवार, दिनांक 17 जुलाई को इंदौर निगम आयुक क्षितिज सिंघल ने बताया कि अब निगम के राजस्व विभाग से अग्रवाल पब्लिक स्कूल की संपति कर खाते की फाइल ही गायब हो गई है!!?

4 थी कक्षा पास अहंकारी, भाषायी रूप से अशिक्षित, धन पिपाशु, LBF फर्जी पाठ्यपुस्तकों का फर्जी लेखक जो कभी कोयले का व्यवसायी हुआ करता था। चूंकि भारत में कोयले का धंधा बिना चोरी, हेरा फेरी और मिलावट के किया ही नहीं जा सकता है, से इस पुरुषोत्तम अग्रवाल ने करोड़ो रूपए की अकूत दौलत कमाई। इस कोयले की काली कमाई को जमीनों में निवेश किया और पिछले कुछ दशक में रियल एस्टेट व्यवसाय में जमीनों की आसमान छूती कीमतों ने इसे शहर के सबसे बड़े अहंकारी धन पिपाशु धन्नासेठों की कतार में पहले नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया। पिछले तीन दशकों से इंदौर शहर में इस से बड़ा अहंकारी, बदतमीज़, अनपढ़, गँवार और अशिक्षित लोगों की निष्कृष्ट भाषाई भाषा बोलने वाला धनाढ्य न हुआ है और न भविष्य में होगा। पिछले 15 सालों से शहर के कुलीन वर्ग से लेकर अग्रवाल समाज तक में इसे, इसके अहंकारी, असंस्कारी, अशिक्षित निष्कृष्ट भाषा और व्यवहार की वजह से कोई इसे पूछता तक नहीं है।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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