श्रीमती नीना देवी अग्रवाल का परिचय अग्रवाल परिवार की बहु तक सीमित करना सच्ची श्रद्धांजली नहीं हो सकती है!

यह श्रद्धांजली केवल एक अग्रवाल परिवार की वधु की नहीं, बल्कि उस विदुषी महिला की है जिनकी प्रेरणा और मार्गदर्शन ने एक साधारण विनोद अग्रवाल को जिन्हें कुछ वर्ष पूर्व तक केवल उनके पारिवारिक व्यवसाय की पहचान से जाना जाता था, आज उनकी पहचान मध्यप्रदेश के सबसे सम्मानित, दानवीर और प्रतिष्ठित उद्योगपति के रूप में स्थापित हैं। इस परिवर्तनकारी यात्रा के मूल में नीना देवी की दूरदर्शिता और अडिग सहयोग रहा है।

समाज में अक्सर धनाढ्य परिवारों के पुरुषों के अहंकार रूढि़वादिता और बंदिशों के बीच महिलाओं की काबिलियत दब कर रह जाती है। जहाँ आज भी कई सक्षम बहुएँ परिवार के अहंकार की भेंट चढ़ जाती हैं, वहीं शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति विनोद अग्रवाल की जीवनयात्रा में उनकी जीवनसंगिनी नीना देवी का परछाई से शिखर तक का सफर एक अनुकरणीय उदाहरण पेश करता है। 

श्रीमती नीना देवी अग्रवाल भी एक ऐसे ही अग्रवाल परिवार की बहु के रूप मे पुरुषोत्तम अग्रवाल के छोटे भाई विनोद अग्रवाल की पत्नी बनकर आई थी। लेकिन नीना देवी अग्रवाल एक विदुषी महिला थी जिनकी प्रेरणा, साथ, सहयोग, और कर्मठता ने कल के विनोद अग्रवाल जिनकी पहचान मात्र कुछ साल पहले, अहंकारी, धनपिपाशु, फर्जी शिक्षा के व्यापारी पुरुषोत्तम अग्रवाल के छोटे भाई की थी! ……. 

को आज मध्यप्रदेश के सबसे सम्मानित , प्रतिष्ठित धनाढ्य उद्योगपति,समाजसेवी और दानवीर में बदल दिया।

नीना देवी अग्रवाल ने सिद्ध किया है कि एक संस्कारी और वैचारिक रूप से सुदृढ़ महिला न केवल परिवार को संस्कारित करती है, बल्कि व्यवसाय के कठिन संघर्षों में एक ‘ध्रुवतारा’ की तरह दिशा भी दिखा सकती है। 

नीना देवी का प्रभाव केवल विनोद जी की सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी कर्मठता और उच्च नैतिक मूल्यों की झलक उनके पुत्र तपन अग्रवाल में भी स्पष्ट दिखाई देती है। नैतिक मूल्य: ईमानदारी और कड़े परिश्रम की जो शिक्षा नीना देवी ने अपने पुत्र को दी, उसी का परिणाम है कि आज ‘एमराल्ड ग्रुप’ इंदौर के रियल एस्टेट क्षेत्र में शिखर पर है। मार्गदर्शन: तपन अग्रवाल की व्यावसायिक सूझबूझ और उनकी सफलता के पीछे उनकी माँ के दिए संस्कार और निरंतर मार्गदर्शन एक मजबूत नींव की तरह खड़े हैं।

नीना देवी अग्रवाल की प्रेरणा ही वह अडिग शक्ति थी और हमेशा रहेगी जिन्होंने विनोद अग्रवाल के संघर्ष को सफलता के शिखर तक पहुँचाया।

परछाईं से पहचान तक विनोद अग्रवाल की सफलता के पीछे नीना देवी का तप और निस्वार्थ सहयोग एक दैवीय शक्ति की तरह हमेशा साथ रहा।

धर्मपत्नी नीना देवी अग्रवाल का ही मार्गदर्शन विनोद अग्रवाल की असाधारण सफलता की विकास यात्रा, परोपकारिता और दानवीरता के मूल में हमेशा रहा।

नीना देवी अग्रवाल आज समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज हैं, जो अपने शांत लेकिन प्रभावी व्यक्तित्व से इतिहास रचने का सामर्थ्य रखती हैं।

विनोद अग्रवाल की संघर्ष गाथा में नीना देवी का तप किसी दैवीय शक्ति से कम नहीं रहा। उनकी प्रेरणा ने ही विनोद जी को न केवल एक सफल उद्योगपति बनाया, बल्कि उनके भीतर परोपकारिता और दानवीरता के बीज भी बोए। आज विनोद अग्रवाल की जो असाधारण विकास यात्रा और सामाजिक प्रतिष्ठा हम देख रहे हैं, उसका वास्तविक आधार नीना देवी अग्रवाल का निस्वार्थ सहयोग और उनकी बौद्धिक क्षमता है। 

 नीना देवी अग्रवाल आज समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणापुंज हैं, जो अपने शांत लेकिन प्रभावी व्यक्तित्व से इतिहास रचने का सामर्थ्य रखती हैं।

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर

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