@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर
महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया क्यों अपने बेटे महाआर्यमन सिंधिया को मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का चेयरमेन बनाना चाहते है?
भारत में क्रिकेट संगठन आज भी हुक्मरानों और धनाढ्य वर्ग की बपौती क्यों है?
जब चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, आदिवासी और दलित देश के राष्ट्रपति बन सकते है, गरीब और मजदूरों के लड़के कलेक्टर और मंत्री बन सकते है तो मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के चेयरमैन क्यों नहीं बन सकते है? क्रिकेट अब राजे रजवाड़ों का खेल नहीं रहा यह देश के आम लोगों का धर्म बन चुका है और इसके खिलाड़ी भगवान।
आज से 85 साल पहले सन् 1940 में
मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन MPCA की नीव इंदौर के तत्कालीन होलकर राजवंश ने अंग्रेजों के क्रिकेट खेल और उस समय की ब्रिटिश हुकूमत जिसने पूरे भारत वर्ष को गुलाम बनाया था, के बड़े अफसरों से मेल मिलाप और उन्हें खुश करने के लिए डाली थी! उस समय इसे होलकर क्रिकेट एसोसिएशन कहते थे!
क्रिकेट और क्लब ये दोनों एक ही सिक्के के पहलू है, जहां क्रिकेट होगा वहां क्लब होगा ही, यह इस ब्रिटिश खेल की आवश्यक शर्त है!
क्योंकि ब्रिटिश खेल “क्रिकेट” सुबह से शाम तक चलने वाला खेल है, अंग्रेजों के इस खेल का उस समय मुख्य मकसद था, भारत के राजे रजवाड़ों और धनाढ्य वैश्य वर्ग के साथ मेल मिलाप बढ़ाना और उन्हे ब्रिटिश संस्कृति और कल्चर को अपनाने के लिए लालायित करना!
तत्कालीन राजे रजवाड़ों और उस समय के धनाढ्य वर्ग ने अंग्रेजों की लाईफ स्टाइल के क्लब जहां शराब, शबाब, डांस, जुआ, नॉन वेज, पार्टी और इंग्लिश स्पोर्ट्स जैसे कार्ड्स, ब्रिज, बिलियर्ड्स जैसे खेलों के साथ ब्रिटिश अफसरों के लिए इंदौर मे “यशवंत क्लब” डाला!
15 अगस्त 1947 को देश आज़ाद हो गया, सन् 1956 में मध्यभारत से मध्यप्रदेश का जन्म हुआ। और सन् 1957 में राजे रजवाड़ों, धनाढ्य वर्ग और ब्रिटिश हुकूमत की होलकर क्रिकेट एसोसिएशन का नाम मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन पड़ा (MPCA) पड़ा।
देखते ही देखते शहर की गलियों से लेकर गांवों तक ग़रीब से लेकर धनाढ्य वर्ग तक अंग्रेजों के इस खेल का जादू पूरे देश में लोगों के सर चढ़ कर बोलने लगा! क्योंकि इसकी अगुआई भारत के राजे रजवाड़ों और धनाढ्य वर्ग कर रहा था!
अब समझ आ रहा हैं क्यो ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया से लेकर उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने बेटे महाआर्यमन सिंधिया को क्यो मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन MPCA का चेयरमेन बनाने में पूरा जोर लगा रहे है?
क्योंकि वह जानते है कि जिस क्रिकेट खेल से अंग्रेजों ने हमे गुलाम बनाया और हमारी वजह से पूरे देश को गुलाम बनाया! वहीं क्रिकेट खेल मेरे बेटे महाआर्यमन को भी देश के हुक्मरानों में शुमार कर देगा।
@प्रदीप री डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर