देश में  राशन और बुनियादी आवश्यकताओ में बढ़ती महगाई के सवालो पर मोदी सरकार की चुप्पी बेशर्मी के उच्चतम स्तर पर है !

किन के गोदामों में देश के आम आदमी के राशन और बुनियादी आवश्यकताओ के साथ बड़ा खेल खेला जा रहा है !

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इण्डिया न्यूज़ इंदौर

एक तरफ कोरोना ,दूसरी तरफ बेरोजगारी एवं मंदी, तीसरी तरफ पेट्रोल डीजल और गैस की आसमान छूती कीमते और चौथी तरफ मोदी सरकार की देश के विकास और सम्रद्धि को लेकर सोच ,नीयत और क्रियान्वन में अस्पष्टिता ने इस देश के आम आदमी का न सिर्फ आज जीना मुहाल कर रखा है !वरन उसके भविष्य पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है !

किसके लिए और कैसा भारत बनाना चाहती है मोदी और अमित शाह की भाजपा सरकार ! क्या भारत का व्यापार, बाज़ार, विकास और सकल घरेलु ,कृषि उत्पाद और खनिज सम्पदा कुछ गिने –चुने बड़े उद्योगपतियों और व्यापारियों के हाथो की कठपुतली होकर रह जायेंगे !? जिनके रहमोकरम पर भारत के 138 करोड़ लोगो की जिंदगी होगी !?

पहले नोटबंदी, फिर अफलातून एवं राज्य सरकारों की आर्थिक ढांचे की जमीन को खिसकाने वाला जी एस टी सिस्टम ,हर साल सरकार का चुनावी मोड में होना और अब पिछले 1 साल से  कोरोना की मार से घायल और आर्थिक रूप से तड़प रहे आम आदमी की कमर को महंगाई ने तोड़  कर रख दिया है। चावल-दाल हो या आटा, सरसों तेल हो या सोयाबीन का तेल या फिर चाय हो या नमक, एक साल में इनकी कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का । उपभोक्ता मंत्रालय की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक एक अप्रैल 2020 के मुकाबले एक अप्रैल 2021 को खाद्य तेलों की कीमतों में 47 फीसद, दालों में 17 फीसद और खुली चाय में 30 फीसदी तक  कीमतों में उछाल आ चुका है। वहीं चावल के रेट में 14.65 फीसद, गेहूं के आटे में 3.26 फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

पिछले साल के मुकाबले इस साल चाय की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। खुली चाय 29 फीसद चढ़कर 217 से 281 रुपये किलो पहुंच गई है। यहाँ तक की नमक के भाव भी इस एक साल में 10 फीसद बढ़ चुका है। वहीं दूध भी 7 फीसद महंगा हो चुका है।

कौन जिम्मेदार है इस बुनियादी महगाई के लिए!?कौन जवाब देगा !? किसान या आम आदमी तो इसका जिम्मेदार हो नहीं सकता है ! किन के गोदामों में देश के आम आदमी के राशन और बुनियादी आवश्यकताओ के साथ सट्टा खेला जा रहा है ! और ऐसे दो राहे पर सरकार की चूप्पी कोढ़ में खाज का काम कर रही है !

@प्रदीप मिश्रा री डिस्कवर इण्डिया न्यूज़ इंदौर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *