कृत्घन्य और अहसान फरमोश है! ट्रैफिक हवालदार रणजीत सिंह की भर्त्सना करने वाले!

ट्रैफिक हवलदार रणजीत द्वारा उठाया गया कदम ही अब एकमात्र हल है यातायात के नियमो का उल्लंघन करने वालों के लिए!

री-डिस्कवर इंडिया न्यूज इंदौर। बीते कुछ सालों में इंदौर का ट्रैफिक अपनी अराजकता, अनुशासनहीनता और अव्यवस्था की सभी सीमाएं लांघ चूका है! कोई भी तबका हो फिर चाहे वह पढ़ा-लिखा बुद्धिजीवी वर्ग हो या नैतिकता की दुहाई देने वाला मध्यमवर्ग हो या अपनी लाचारी और बेबसी के हर वक्त आंसू बहाने वाला तथाकथित गरीब वर्ग हो! ट्रैफिक के कानून और सड़क पर चलने का अनुशासन और धैर्य को रौंदते हुए इस शहर की यातायात व्यवस्था को अशिक्षित और गवारु व्यवस्था बनाने में पूरे मनोयोग से लगा हुआ है!
पुलिस और प्रशासन के आला अफसर, शहर के सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के अथाह प्रयासों के बावजूद भी आज तक शहर की जनता को सड़कों पर चलने का अनुशासन धैर्य के अलावा यातायात के नियमो और कानूनों का पालन करवाने में सफलता नहीं मिली!? चालानी कारवाई भ्रष्टाचार की भेट चढ़ जाती है!
न सिर्फ इंदौर ट्रैफिक विभाग के वरन शहर के इतिहास में शायद पहली बार कोई ट्रैफिक हवलदार होगा, जिसने न सिर्फ ट्रैफिक विभाग के अपने साथियों वरन शहर की जनता को यह बताया की ट्रैफिक हवालदार की ड्यूटी कैसे और किस तरह की जाती है! जोश, फुर्ती, चपलता, हाथों के निर्देश की ताकत क्या होती है और कैसे संचालित की जाती है यह इंदौर की जनता रोज मन्त्र मुग्ध होकर हाई कोर्ट चौराहे पर ट्रैफिक हवलदार रणजीत सिंह को ड्यूटी निभाते हुए देखती है!
इस मुस्तैद और जाबांज ट्रैफिक हवालदार ने अपनी ड्यूटी से न सिर्फ अपने विभाग को वरन पूरे शहर को गौरान्वित किया है!
लेकिन कल एक अशिक्षित ऑटो चालक द्वारा यातायात के नियमो का उल्लंघन करने पर ड्यूटी के प्रति ईमानदारी और जोश में उस ऑटो चालक पर स्वाभाविक गुस्से से उपजी मामूली हिंसा का उपयोग क्या कर दिया की पूरा शहर और सोशल मीडिया और तथाकथित मीडिया, बुद्धिजीवी वर्ग, अशिक्षित, गवार और अज्ञानता के अहंकार में डूबे तथाकथित गरीब लोगों के पैरोकार लगे एक मुस्तैद और जाबांज ट्रैफिक हवलदार को गरियाने और भर्त्सना करने! उसे कानून का पाठ पढ़ाने! अहंकारी और औकात भूल गया जैसे सामंतवादी शब्दों से अपमानित करने में!
शर्म आनी चाहिए ऐसे क्रत्घन्य और अहसान फरामोश लोगों को जो एक ईमानदार, मुस्तैद और कर्तव्य निष्ठ ट्रैफिक हवलदार की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया पर तिल का ताड बनाने में लग गए !
जबकि ट्रैफिक हवलदार रणजीत सिंह द्वारा उठाया गया कदम ही सही हल है इस देश के लोगों में यातायात के नियमों और कानूनों का पालन करवाने के लिए, ट्रैफिक हवलदार रणजीत सिंह का तो सरकार को प्रमोशन कर पलासिया, रीगल, एमवाय, विजयनगर जैसे व्यस्त चौराहों का ट्रैफिक हेड बनाना चाहिए।

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